लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मानवीय संवेदनशीलता की तस्वीर सामने आई। अयोध्या से पहुंचे भाई-बहन ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्या रखी। भाई ने बताया कि उसकी बहन गंभीर रूप से बीमार है और बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ रेफर किया गया है। समस्या की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और पीड़िता को मुख्यमंत्री आवास से एंबुलेंस के जरिए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, गोमती नगर भेजने की व्यवस्था कराई।
अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की निगरानी में मरीज का उपचार शुरू कर दिया गया। परिजनों ने मुख्यमंत्री को बताया था कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज में परेशानी आ रही है। मुख्यमंत्री ने परिवार को जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया।
जनता दर्शन में उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग लेकर पहुंचे अन्य लोगों की समस्याएं भी मुख्यमंत्री ने सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को चिकित्सा संबंधी प्रकरणों में जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि आर्थिक अभाव के कारण किसी जरूरतमंद का इलाज बाधित नहीं होने दिया जाएगा और पात्र लोगों को उपचार के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बहन के अस्पताल में भर्ती होने और उपचार शुरू होने के बाद उनके भाई श्याम सोनकर ने राहत की सांस ली। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास से संपर्क कर इलाज शुरू होने की जानकारी दी और सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।
जनता दर्शन के दौरान एक बच्ची अपनी मां के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची। मुख्यमंत्री ने पहले उसकी मां की समस्या सुनी और फिर बच्ची से बातचीत करते हुए उसे दुलारा। उन्होंने बच्ची के लिए चॉकलेट मंगाई और अपने हाथों से उसका रैपर खोलकर दिया। मुख्यमंत्री और बच्ची के बीच हुए इस सहज संवाद से वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। जनता दर्शन में आए लोगों ने मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार और बच्चों के प्रति उनके स्नेह की सराहना की।