लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी कंपनियों के निवेश और उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट यूपी और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में जापान और उत्तर प्रदेश के बीच निवेश, रोजगार, कौशल विकास, तकनीक और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार जापान से 240 लोगों का प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश आया। इस दौरे से दोनों के बीच सकारात्मक माहौल बना है। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में हुए बदलावों और विकास कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को जापान के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और निवेश के माध्यम से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित 500 एकड़ में से 350 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में जापान में प्रस्तावित विभिन्न वैश्विक आयोजनों में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल भेजने को कहा। इसमें मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल करने के निर्देश दिए गए।
योगी आदित्यनाथ ने जापानी भाषा के प्रशिक्षण और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को तेज गति से आगे बढ़ाने की बात कही। उनका उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को जापान, विशेषकर यामानाशी प्रांत में रोजगार की संभावनाओं से जोड़ना है। उन्होंने इन्वेस्ट यूपी में अलग से यामानाशी जापान डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि दोनों क्षेत्रों के बीच निवेश और रोजगार से जुड़े मामलों पर लगातार संवाद बना रहे। मुख्यमंत्री ने इस डेस्क की प्रगति की समीक्षा हर तीन महीने में करने को भी कहा।
बैठक में उत्तर प्रदेश के बौद्ध पर्यटन को जापानी पर्यटकों के बीच बढ़ावा देने पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कपिलवस्तु सहित प्रमुख बौद्ध स्थलों को जोड़कर सुविधाजनक पर्यटन रूट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश और यामानाशी के टूर ऑपरेटरों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा बौद्ध सर्किट में पर्यटन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने आगामी ट्रेड शो में जापानी विशेषज्ञों के साथ विशेष सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं को जापानी विशेषज्ञों के अनुभव और तकनीकी जानकारी का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल उत्तर प्रदेश के सारनाथ और जापान के नारा के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए भी पहल की जानी चाहिए। इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा मिल सकती है। बैठक में मुख्यमंत्री ने जापान के साथ आर्थिक, तकनीकी, कौशल विकास और पर्यटन संबंधों को और मजबूत करने के लिए विभागों को ठोस कार्ययोजना के साथ तेजी से आगे बढ़ने के निर्देश दिए।