मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य अधर्म और अन्याय के अंधकार के बीच सत्य एवं धर्म के प्रकाश का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री के संदेश में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से मिलने वाली लोककल्याण की प्रेरणा को प्रमुखता दी गई है। अन्याय के विरोध, धर्म की रक्षा, कमजोर और वंचित वर्गों के संरक्षण तथा समाज के व्यापक हित को श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।
CM योगी ने इस अवसर पर लोककल्याण की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान, सुरक्षा और विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प को रेखांकित किया। सरकार की नीतियों और प्रयासों को जनकल्याण से जोड़ते हुए उन्होंने समावेशी विकास की भावना पर जोर दिया।
जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, सामाजिक समरसता को मजबूत करने और प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के सत्य, धर्म, कर्म और लोकमंगल के संदेश को जीवन में आत्मसात करने की अपील की।
मुख्यमंत्री का संदेश प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास की आकांक्षा को एक साथ जोड़ता है। जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर प्रदेशवासियों से ऐसे उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की गई, जो विकास के साथ अपनी परंपरा, संस्कृति और गौरव को भी आगे बढ़ाए।