फिरोजाबाद के बहुचर्चित आरव हत्याकांड में जिला न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। शिकोहाबाद में डेढ़ वर्षीय मासूम आरव की हत्या के मामले में दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस वारदात को अत्यंत जघन्य अपराध मानते हुए मृत्युदंड का आदेश दिया।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी विराज एक महिला से एकतरफा प्रेम करता था और उस पर शादी का दबाव बना रहा था। महिला द्वारा प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद उसने बदला लेने की नीयत से महिला के डेढ़ वर्षीय बेटे आरव को अपने साथ ले जाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने पूरे मामले को उजागर किया था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी ठहराने के बाद सजा पर सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इसे दुर्लभ और गंभीर अपराध मानते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई। फैसले के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले की सुनवाई तेज गति से पूरी की गई। पुलिस और अभियोजन ने कम समय में गवाहों के बयान, वैज्ञानिक साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज अदालत के सामने प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया गया।
फैसला आने के बाद आरव की मां ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे के लिए न्याय मिला है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी इस फैसले को न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे मासूम बच्चों के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों पर कड़ा संदेश जाएगा।