1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. CyVajra अभियान में कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार

CyVajra अभियान में कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार

कानपुर पुलिस ने CyVajra अभियान के तहत अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह दान और लोन का झांसा देकर लोगों के बैंक खातों का एक्सेस हासिल कर करोड़ों रुपये की ठगी करता था। पुलिस ने कई डिजिटल साक्ष्य बरामद कर जांच आगे बढ़ा दी है।

By: BS Yadav  RNI News Network
Updated:
CyVajra अभियान में कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार

कानपुर कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने CyVajra अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी बैंक खातों और कंपनियों के माध्यम से देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था।

दान दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक व्यक्ति को उसकी पत्नी के नाम पर करोड़ों रुपये का दान दिलाने का झांसा दिया। इसी बहाने पीड़ित का विश्वास जीतकर उसके बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और अन्य वित्तीय जानकारियां हासिल की गईं। जांच में पता चला कि मार्च 2026 के दौरान विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से करीब 1.90 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। इस दौरान पीड़ित का मोबाइल सिम भी बदल दिया गया, जिससे बैंकिंग गतिविधियों पर गिरोह का नियंत्रण हो गया।

ऐसे काम करता था साइबर गिरोह

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह पहले लोगों को लोन, व्यापारिक सहायता या बड़े दान का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर ऑनलाइन बैंकिंग तक पहुंच बना लेता था। इसके बाद तकनीकी माध्यमों, जिनमें कथित तौर पर APK फाइलों का उपयोग भी शामिल था, के जरिए खातों का एक्सेस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाया जाता था। ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर जांच से बचने की कोशिश की जाती थी।

 

चार आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस ने इस मामले में मंगल सिंह, विजेंद्र यादव, अबी वकास और राहुल शर्मा को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में इनके तार उत्तर प्रदेश के अलावा पश्चिम बंगाल तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान एक आरोपी के मोबाइल फोन से कई बैंक खातों, डिजिटल दस्तावेजों और अन्य संदिग्ध जानकारियों का पता चला है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

कई डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज बरामद

आरोपियों के पास से पुलिस ने मोबाइल फोन, चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, टैक्स इनवॉइस, लेटरहेड, फर्म की मोहर और एक कार सहित कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किया है। डिजिटल जांच में बैंक खातों का विवरण, पहचान संबंधी दस्तावेज, क्यूआर कोड, लॉगिन डिटेल, वॉइस रिकॉर्डिंग और चैट रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

साइबर अपराध से बचने की पुलिस की सलाह

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, ओटीपी, सिम कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग या अन्य वित्तीय जानकारी साझा न करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें गूगल न्यूज़, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...