SIT के निर्देश पर नोएडा प्राधिकरण ने हादसे वाले प्लॉट और आसपास के क्षेत्र में पिछले 2-3 वर्षों के दौरान तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों का विवरण खंगालकर सौंपा है।
SIT के निर्देश पर नोएडा प्राधिकरण ने हादसे वाले प्लॉट और आसपास के क्षेत्र में पिछले 2-3 वर्षों के दौरान तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों का विवरण खंगालकर सौंपा है।
लेआउट प्लान के अनुसार, एक ओर 30 मीटर और दूसरी ओर 45 मीटर चौड़ी सड़क दिखाई गई है, जो सीधे 90 डिग्री के एंगल पर कटती हैं। सड़क विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी चौड़ी सड़कों पर वाहनों की गति सामान्यतः अधिक होती है और ऐसे में अचानक आने वाला तीखा मोड़ दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ा देता है।
नोएडा में गड्ढे में डूबकर इंजीनियर की मौत के मामले में अब जांच और गहराने वाली है। जिला न्यायालय ने इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए पुलिस जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
नोएडा सेक्टर-150 हादसे में इंजीनियर की मौत के बाद योगी सरकार का बड़ा कदम। नोएडा अथॉरिटी के CEO डॉ. लोकेश एम हटाए गए, SIT जांच जारी।
सरकार द्वारा गठित SIT का नेतृत्व ADG मेरठ करेगी। वहीं टीम में ADG मेरठ, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग (PWD) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह SIT पूरे मामले की 5 दिनों के भीतर जांच कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी।
अमिताभ कांत की सिफारिशों के आधार पर कुल 57 रियल एस्टेट परियोजनाओं को इस नीति के दायरे में लाया गया था।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में विकसित हो रहा जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। यह न केवल हवाई कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित करेगा।
अगले महीने से शुरू होगा सुधार कार्य...
निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर...
नगला वाजिदपुर में प्राधिकरण की जमीन पर अवैध निर्माण...
भंगेल बेगमपुर, सुथियाना और सोरखा जाहिदाबाद में बड़ी कार्रवाई...
नोएडा प्राधिकरण का यह फैसला 24 नवंबर 2025 को आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन परियोजनाओं ने भवन निर्माण नियमों और बकाया भुगतान की शर्तें पूरी कर ली हैं, उन्हें सशर्त ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) जारी किया जाए और रजिस्ट्रियों की अनुमति दी जाए।
नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड की बैठक में इस योजना को लेकर दो प्रतिष्ठित संस्थानों-आईआईटी रुड़की और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर नई दिल्ली-ने अपना-अपना प्रजेंटेशन दिया।
बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आवासीय समितियों को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंडों पर बने फ्लैट्स में “सब्सीक्वेंट मेंबर” के नाम एनओसी और त्रिपक्षीय उपपट्टा पंजीकरण से जुड़ी आ रही समस्याओं के समाधान हेतु एक 8 सदस्यीय समिति गठित की जाएगी।
जिला खनन अधिकारी उत्कर्ष त्रिपाठी ने जानकारी दी कि दिसंबर 2025 के दौरान जेवर, दादरी, दनकौर और कासना सहित कई क्षेत्रों में अवैध खनन के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया गया।