योगी आदित्यनाथ सरकार के शहरी विकास और निवेश प्रोत्साहन मॉडल में मजबूत कनेक्टिविटी को आधार स्तंभ माना गया है और यह परियोजना उसी रणनीति का विस्तार मानी जा रही है।
योगी आदित्यनाथ सरकार के शहरी विकास और निवेश प्रोत्साहन मॉडल में मजबूत कनेक्टिविटी को आधार स्तंभ माना गया है और यह परियोजना उसी रणनीति का विस्तार मानी जा रही है।
यह अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर संयंत्र YEIDA क्षेत्र के सेक्टर-28 में 48 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है। शिलान्यास कार्यक्रम उत्तर प्रदेश को उच्च-प्रौद्योगिकी विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस सेमीकंडक्टर संयंत्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश में एक उच्च-प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा। इससे न केवल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में स्थानीय नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि कौशल विकास और रोजगार सृजन के भी व्यापक अवसर पैदा होंगे।
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को जानकारी दी गई कि यह सेमीकंडक्टर पार्क लगभग 48 एकड़ भूमि में विकसित किया जाएगा, जिस पर करीब 4,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
उत्तर प्रदेश को वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एम/एस एएम ग्रुप और राज्य की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी Invest UP के बीच 1 गीगावॉट (GW) हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट (HPC) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के निर्देश पर कार्मिक विभाग के ओएसडी अशोक कुमार शर्मा की अध्यक्षता में दो वरिष्ठ प्रबंधकों की जांच कमेटी गठित की गई है। प्राधिकरण स्तर पर विभागीय चार्जशीट की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
छिजारसी कट से बहोलपुर अंडरपास तक बनेगी 650 मीटर लंबी एलिवेटेड
नोएडा प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के विरुद्ध यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा।
नोएडा प्राधिकरण और HCL फाउंडेशन के सहयोग से आयोजन
कार्रवाई के दौरान मथुरा के हेरिटेज सिटी क्षेत्र में निर्माणाधीन अवैध होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक संरचनाओं के खिलाफ ध्वस्तीकरण किया गया।
यमुना में गिरने वाले दूषित पानी को लेकर नोएडा अथॉरिटी और CPCB के दावों में स्पष्ट विरोधाभास सामने आया है। नोएडा अथॉरिटी ने कोर्ट में दी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शहर में उपलब्ध सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की क्षमता जरूरत से अधिक है और 100 प्रतिशत सीवेज को ट्रीट किया जा रहा है।
नई सूची के अनुसार RTI, सोशल मीडिया, मीडिया एवं पब्लिसिटी, भूमि अधिग्रहण, लैंड रिकॉर्ड और आबादी (अबादी) से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारियां नए सिरे से अफसरों को सौंपी गई हैं।
इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण का बड़ा एक्शन... सेक्टर-150 हादसे के बाद सख्त कदम