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बढ़ती आबादी के बीच नोएडा का जल प्लान तैयार, 10-15 साल तक पानी संकट नहीं होने का दावा

नोएडा में बढ़ती आबादी और नए क्षेत्रों के विस्तार को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है। प्राधिकरण के अनुसार शहर में रोजाना करीब 406 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है और मौजूदा योजनाओं के आधार पर अगले 10 से 15 वर्षों तक बड़े जल संकट से बचने का लक्ष्य है।

By: Nivedita  RNI News Network
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बढ़ती आबादी के बीच नोएडा का जल प्लान तैयार, 10-15 साल तक पानी संकट नहीं होने का दावा

नोएडा।  तेजी से बढ़ती आबादी, नए सेक्टरों के विस्तार और औद्योगिक गतिविधियों में इजाफे के बीच नोएडा में जलापूर्ति व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की कवायद तेज हो गई है। नोएडा प्राधिकरण का जल एवं सीवर विभाग वर्तमान मांग पूरी करने के साथ आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर जल प्रबंधन की व्यापक योजना पर काम कर रहा है।

रोजाना 406 एमएलडी पानी की हो रही आपूर्ति

प्राधिकरण के अनुसार, शहर में प्रतिदिन करीब 406 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे लगभग 25 लाख लोगों की जरूरतें पूरी हो रही हैं। नोएडा की जलापूर्ति व्यवस्था में गंगाजल की महत्वपूर्ण भूमिका है। फिलहाल करीब 240 से 245 एमएलडी गंगाजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि लगभग 120 एमएलडी शोधित जल का उपयोग विभिन्न गैर-पेय कार्यों में किया जा रहा है।

सीवर व्यवस्था और पाइपलाइन नेटवर्क पर भी फोकस

जल एवं सीवर विभाग की जिम्मेदारी केवल घरों तक पानी पहुंचाने तक सीमित नहीं है। विभाग पाइपलाइन नेटवर्क के रखरखाव, लीकेज की निगरानी, जलाशयों और पंपिंग स्टेशनों के संचालन के साथ सीवर लाइनों की सफाई और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था भी संभालता है।

अधिकारियों का जोर जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर भी है। शोधित पानी को पार्कों की सिंचाई, सड़कों की सफाई और निर्माण जैसे कार्यों में इस्तेमाल कर पेयजल पर दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है।

 10 से 15 साल तक बड़े जल संकट से बचाने की तैयारी

नोएडा में भविष्य में आबादी बढ़ने और निर्माण गतिविधियों के विस्तार की संभावना को देखते हुए जलापूर्ति नेटवर्क को मजबूत बनाने की योजना तैयार की जा रही है। नए क्षेत्रों तक पर्याप्त पानी पहुंचाने और मौजूदा व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि मौजूदा व्यवस्थाओं और प्रस्तावित विस्तार को ध्यान में रखते हुए अगले **10 से 15 वर्षों तक शहर में बड़े जल संकट की स्थिति नहीं आने दी जाएगी**। हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे का समय पर विस्तार और लगातार रखरखाव जरूरी होगा।

गर्मियों में बढ़ती मांग और लीकेज बड़ी चुनौती

जल प्रबंधन के सामने कई चुनौतियां भी हैं। गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ना, पुरानी पाइपलाइनों में लीकेज, अलग-अलग क्षेत्रों में पानी का असमान दबाव और लगातार बढ़ती आबादी प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं। कुछ इलाकों से कम दबाव और अनियमित जलापूर्ति की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं।

ऐसे में योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जलापूर्ति संबंधी शिकायतों का कितनी तेजी से निस्तारण किया जाता है और पाइपलाइन लीकेज पर कितनी प्रभावी निगरानी रखी जाती है।

शोधित जल के इस्तेमाल से घटेगा दबाव

शोधित जल का अधिक से अधिक गैर-पेय कार्यों में इस्तेमाल जल प्रबंधन के लिए अहम साबित हो सकता है। पार्कों की सिंचाई, सड़क सफाई और निर्माण कार्यों में इसका उपयोग बढ़ने से पीने योग्य पानी की बचत होगी और भूजल पर निर्भरता भी कम करने में मदद मिल सकती है।

नोएडा के लिए भविष्य की जलापूर्ति योजना को सफल बनाने के लिए नेटवर्क विस्तार, सीवर व्यवस्था, लीकेज नियंत्रण और शोधित जल के पुन: उपयोग पर लगातार काम करना होगा। यदि इन व्यवस्थाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो शहर भविष्य में बेहतर जल प्रबंधन की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

 

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