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यूपी में उर्वरक, वेटलैंड और बाढ़ की स्थिति पर मुख्य सचिव की सख्ती, जिलाधिकारियों को दिए अहम निर्देश

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर खरीफ उर्वरक की उपलब्धता, वेटलैंड, रामसर साइट्स और बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की।

By: BS Yadav  RNI News Network
Updated:
यूपी में उर्वरक, वेटलैंड और बाढ़ की स्थिति पर मुख्य सचिव की सख्ती, जिलाधिकारियों को दिए अहम निर्देश

लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण विषयों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में खरीफ सीजन में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण, वेटलैंड अधिसूचना, रामसर साइट्स और बाढ़ की स्थिति सहित राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गई।

उर्वरक की कमी पर तत्काल आपूर्ति के निर्देश

खरीफ सीजन में उर्वरक की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सभी समितियों और वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शून्य और कम स्टॉक वाली समितियों की विशेष निगरानी करते हुए जरूरत के अनुसार तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया।उन्होंने प्रत्येक जनपद में एडीएम अथवा सीडीओ से अनिम्न स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को उर्वरक के लिए परेशानी न हो, इसके लिए जरूरत पड़ने पर उन्हें नजदीकी समिति से जोड़ने की वैकल्पिक व्यवस्था करने को भी कहा।मुख्य सचिव ने सीडीओ को प्रतिदिन और जिलाधिकारियों को साप्ताहिक स्तर पर उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उर्वरक की ओवररेटिंग या अनधिकृत टैगिंग की शिकायत किसी भी स्थिति में नहीं मिलनी चाहिए।

26 जिलों में 101 वेटलैंड अधिसूचित

वेटलैंड अधिसूचना की समीक्षा के दौरान सामने आया कि झांसी, गौतमबुद्ध नगर, गोंडा और बलिया से अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों को जिला स्तरीय वेटलैंड कमेटी की बैठक तत्काल आयोजित कर प्रस्ताव इस महीने के अंत तक विभाग को भेजने के निर्देश दिए।उन्होंने रामसर साइट्स के लिए पात्र स्थलों के प्रस्ताव भी जल्द भेजने को कहा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 26 जनपदों में 101 वेटलैंड अधिसूचित किए जा चुके हैं, जबकि 45 जनपदों से 53 नए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

यूपी में 13 रामसर साइट्स

प्रदेश में अब तक अधिसूचित 13 रामसर साइट्स में अपर गंगा रिवर (बुलंदशहर), सरसई नावर झील (इटावा), नवाबगंज पक्षी विहार (उन्नाव), साण्डी पक्षी विहार (हरदोई), समसपुर पक्षी विहार (रायबरेली), पार्वती अरगा पक्षी विहार (गोंडा), समान पक्षी विहार (मैनपुरी), सूरसरोवर पक्षी विहार (आगरा), हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर), बखीरा पक्षी विहार (संतकबीरनगर), पटना पक्षी विहार (एटा), शेखा झील (अलीगढ़) और सुरहाताल (बलिया) शामिल हैं।इसके अलावा 8 रामसर स्थलों के प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जा चुके हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी के निर्देश

मुख्य सचिव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करने और लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।बाढ़ प्रभावित लोगों को समय से चिकित्सा सुविधाएं, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के भी कड़े निर्देश दिए गए।बैठक में प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र, प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू., प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोमी, प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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