शामली के आरटीओ कार्यालय में सोमवार को उस समय हंगामा हो गया, जब भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरटीओ पर किसान नेता स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत का नाम कथित तौर पर अमर्यादित तरीके से लेने का आरोप लगाया। घटना के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख आरटीओ के वहां से चले जाने के बाद किसानों ने आरटीओ विभाग पर कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए और अपनी मांगों को लेकर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
बताया गया कि भाकियू युवा के जिला अध्यक्ष प्रभात मलिक सोमवार को अपने एक परिचित की समस्या के समाधान के लिए आरटीओ कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि वह अपनी समस्या आरटीओ के सामने रख रहे थे, लेकिन अधिकारी उनकी बात सुनने के बजाय फोन पर बातचीत में व्यस्त थे। इसी दौरान फोन पर बातचीत के दौरान कथित तौर पर महेंद्र सिंह टिकैत के नाम को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। यह बात वहां मौजूद भाकियू कार्यकर्ताओं को नागवार गुजरी और उन्होंने विरोध शुरू कर दिया।
भाकियू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि महेंद्र सिंह टिकैत जैसे किसान नेता के नाम का इस तरह उल्लेख किए जाने से किसान समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। देखते ही देखते आरटीओ कार्यालय परिसर में कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई और विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। कार्यकर्ताओं ने कथित टिप्पणी को लेकर आरटीओ से स्पष्टीकरण और माफी की मांग उठाई।
भाकियू कार्यकर्ताओं के मुताबिक विरोध बढ़ता देख आरटीओ अपनी गाड़ी में बैठकर कार्यालय से चले गए। इसके बाद किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अधिकारी के मौके से चले जाने के बाद उनकी शिकायत और मांगों पर बातचीत का रास्ता बंद हो गया, जिसके चलते उन्होंने कार्यालय परिसर के बाहर धरना शुरू करने का निर्णय लिया।
महेंद्र सिंह टिकैत को लेकर कथित टिप्पणी के विरोध के साथ ही भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरटीओ विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। किसानों का आरोप है कि जिले में ओवरलोड वाहनों के संचालन सहित परिवहन व्यवस्था से जुड़े कई मामलों में अनियमितताएं हो रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में आरटीओ विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।

भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरटीओ कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। संगठन का कहना है कि जब तक आरटीओ स्वयं धरना स्थल पर आकर कथित टिप्पणी को लेकर माफी नहीं मांगते, तब तक प्रदर्शन समाप्त नहीं किया जाएगा। किसानों ने धरने को लंबे समय तक जारी रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की भी बात कही है।
भाकियू कार्यकर्ताओं का कहना है कि महेंद्र सिंह टिकैत किसान समाज के लिए सम्मानित और महत्वपूर्ण व्यक्तित्व रहे हैं। ऐसे में उनके नाम का कथित तौर पर अमर्यादित तरीके से इस्तेमाल किए जाने को किसान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल संगठन से जुड़ा नहीं है, बल्कि किसान समाज के सम्मान से जुड़ा हुआ है। इसी वजह से उन्होंने आरटीओ से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
शामली आरटीओ कार्यालय पर शुरू हुए इस धरने के बाद अब प्रशासन और परिवहन विभाग की प्रतिक्रिया पर नजर है। भाकियू ने साफ किया है कि उनकी मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। मामले में आरटीओ या संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।