लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी ने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। इस सूची में जौनपुर के वरिष्ठ नेता विद्यासागर सोनकर को भी जगह मिली है। संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे सोनकर का राजनीतिक सफर नगर निकाय से शुरू होकर लोकसभा, विधान परिषद और अब राज्यसभा तक पहुंचा है।
विद्यासागर सोनकर का जन्म 21 जुलाई 1961 को जौनपुर के सुखीपुर में हुआ। उन्होंने एमए, बीएड और एलएलबी की शिक्षा हासिल की है। उनकी राजनीतिक सक्रियता छात्र जीवन से शुरू हुई और इसी दौरान उनका जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से हुआ। इसके बाद उन्होंने बीजेपी के संगठन में बूथ स्तर से काम करना शुरू किया। धीरे-धीरे पार्टी में उनकी जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और वह संगठन के विभिन्न पदों पर काम करते हुए प्रदेश की राजनीति में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे।
विद्यासागर सोनकर ने स्थानीय राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, वह 1989 से 1994 के बीच जौनपुर नगर पालिका के सदस्य रहे। इसके बाद 1996 में बीजेपी के टिकट पर सैदपुर सुरक्षित लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे और जीत दर्ज कर 11वीं लोकसभा के सदस्य बने। लोकसभा पहुंचना उनके राजनीतिक सफर का एक अहम पड़ाव रहा।
सांसद बनने के बाद भी सोनकर का बीजेपी संगठन से जुड़ाव जारी रहा। वर्ष 2000 में उन्होंने बीजेपी के जौनपुर जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा उन्होंने पार्टी के अनुसूचित मोर्चे और युवा मोर्चे में भी काम किया। काशी और गोरखपुर क्षेत्र के संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने के कारण पार्टी के भीतर उनका संगठनात्मक अनुभव लगातार मजबूत होता गया।

विद्यासागर सोनकर के राजनीतिक सफर में जीत के साथ चुनौतियां भी आईं। 2009 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि चुनावी परिणाम उनके संगठनात्मक सफर में बाधा नहीं बने। पार्टी में उनकी सक्रियता बनी रही और 2017 के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य बनाया गया।
विद्यासागर सोनकर लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। विधान परिषद में रहने के दौरान भी उन्होंने पार्टी और संगठन से जुड़े दायित्व निभाए। अब बीजेपी ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर उनके राजनीतिक सफर को नई दिशा दी है। पार्टी की ओर से घोषित आठ प्रत्याशियों में उनका नाम शामिल होना संगठन में लंबे समय से सक्रिय नेताओं को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
विद्यासागर सोनकर की राजनीतिक यात्रा की खास बात यह है कि उन्होंने जमीनी संगठन से शुरुआत की और धीरे-धीरे नगर निकाय, लोकसभा और विधान परिषद तक पहुंचे। अब राज्यसभा के लिए नाम घोषित होने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है। जौनपुर से निकलकर बीजेपी संगठन में लंबे समय तक काम करने वाले सोनकर के लिए राज्यसभा का टिकट उनके राजनीतिक सफर का एक नया अध्याय माना जा रहा है।