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मथुरा के बरारी गांव में बना पहला ‘लाड़ली वन’, मियावाकी पद्धति से लगाए गए 3,000 पौधे

मथुरा के ग्राम बरारी में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत जिले का पहला 'लाड़ली वन' स्थापित किया गया। मियावाकी पद्धति से 1,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में 3,000 पौधे लगाए गए। जिले की 101 ग्राम पंचायतों में ऐसे लाड़ली वन विकसित किए जाएंगे।

By: BS Yadav  RNI News Network
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मथुरा के बरारी गांव में बना पहला ‘लाड़ली वन’, मियावाकी पद्धति से लगाए गए 3,000 पौधे

मथुरा। पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मथुरा जिले में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ एवं ‘वृक्षारोपण महाभियान-2026’ के तहत अनूठी पहल की गई है। विकासखंड फरह की ग्राम पंचायत बरारी में जिले के पहले ‘लाड़ली वन’ की स्थापना की गई, जहां मियावाकी पद्धति से 1,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में 3,000 पौधों का रोपण किया गया। जनपद में इसी तर्ज पर कुल 101 लाड़ली वन विकसित किए जाएंगे।

बालिकाओं ने लिया पौधों के संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय की 101 बालिकाओं ने पौधारोपण करते हुए तीन-तीन पौधों को गोद लिया और उन्हें वृक्ष बनाने का संकल्प लिया। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को भी मजबूती देना है।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया पौधारोपण

कार्यक्रम में बल्देव विधायक पूरन प्रकाश, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता और डीएफओ वेंकट श्रीकर पटेल ने पौधारोपण किया। इस अवसर पर बालिकाओं को प्रशस्ति-पत्र भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने शेष 100 लाड़ली वन 12 जुलाई तक पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

 

 

मियावाकी तकनीक से तैयार होंगे घने वन

जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि मियावाकी एक जापानी तकनीक है, जिसके माध्यम से कम स्थान में विभिन्न प्रजातियों के देशी पौधों का सघन रोपण किया जाता है। इस पद्धति से पौधे तेजी से विकसित होते हैं और कम समय में घने वन का रूप ले लेते हैं। इससे जैव विविधता, भूजल संरक्षण, वायु गुणवत्ता और जलवायु संतुलन को बढ़ावा मिलता है।

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ-वृक्ष लगाओ’ का दिया संदेश

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, वृक्ष लगाओ’ का संदेश देते हुए नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

इस अवसर पर उपायुक्त मनरेगा विजय कुमार पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्र, खंड विकास अधिकारी नेहा रावत सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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