अयोध्या में नवम्बर माह के दौरान आयोजित होने वाली पंचकोसी परिक्रमा से पहले योगी सरकार की ओर से बनाए जा रहे फोर लेन परिक्रमा मार्ग का निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण पूरा कर लिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक 55 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है।
अयोध्या में नवम्बर माह के दौरान आयोजित होने वाली पंचकोसी परिक्रमा से पहले योगी सरकार की ओर से बनाए जा रहे फोर लेन परिक्रमा मार्ग का निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण पूरा कर लिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा अब तक 55 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है।
भले ही अयोध्या में मां सरयू प्रवाहमान हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ सरकार रामनगरी में विकास की गंगा का अवतरण कराने में कोई कमी नहीं छोड़ रही है। हाल ही में गठित हुए अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद भी योजनाओं का पिटारा खोलने जा रहा है। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जल्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बैठक कर 110 करोड़ की योजनाओं को हरी झंडी दे सकते हैं।
अयोध्या में राम मंदिर परिसर और उसके आसपास कई जगहों पर पहली ही बारिश में जलभराव को लेकर मुख्यमंत्री योगी गंभीर हैं। ऐसे में इस मामले को लेकर प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात को अयोध्या जाने के दिए निर्देश दिए हैं।
आम चुनाव 2024 में जिस सीट पर भाजपा को सबसे ज्यादा भरोसा था वह थी अयोध्या की सीट, लेकिन भाजपा के हाथ से ये सीट दूर निकल गई। हार क्यों हुई... इसपर लोगों की राय अलग-अलग है लेकिन इसकी सबसे बड़ा कारण लोगों की नाराजगी को बताया जा रहा है। ऐसे में यूपी सरकार पूरे एक्शन मोड में आ चुकी है। प्रशासन ने बीते 20 दिनों में 5 बड़े फैसले
अयोध्या में रामनवमी को ध्यान में रखकर रामलला के दरबार को तीन दिन के लिए 24 घंटे दर्शन के लिए खुला रहेगा और केवल रामलला के भोग और पूजन के समय ही कपाट को बंद रखा जाएगा। यह निर्णय रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार पड़ रहे रामनवमी मेला में आने वाले संभावित भीड़ को देख कर लिया गया है।
अयोध्या में 22 जनवरी 2022 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अगले दिन यानि 23 जनवरी 2024 को मंदिर में आम लोगों के बालक राम के दर्शन के द्वार खोल दिए गए हैं। ऐसे में पहले ही दिन रात के 3 बजे से ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। पहले ही दिन इस कदर श्रद्धालुओं की भीड़ रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या आई
उड़ान के क्षेत्र में अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई। अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईएटीए) ने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या धाम के लिए कोड जारी कर दिया। यहां से उड़ान छह जनवरी से शुरू होने वाली हैं। दो विमानन कंपनियों ने उड़ान का शेड्यूल भी जारी कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के साथ किया एयरपोर्ट का निरीक्षण. प्रथम फेज में 65 हजार वर्गफुट का विमानतल बनकर तैयार, 2200 मीटर का है रनवे. दूसरे चरण में 5 लाख वर्गफुट का एयरपोर्ट बनाने की तैयारी में योगी सरकार. एयरपोर्ट पर उतर सकेंगे बोइंग 737, एयरबस 319 और एयरबस 320 जैसे बड़े विमान.
योध्या के अंगूरी बाग स्थित कंपोजिट प्रायमरी स्कूल में सरकारी किताबें जलाई जा रही. जिसमें राष्ट्रगान और राष्ट्रध्वज बना हुआ है. वहीं कंपोजिट विद्यालय के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि रात में कई ट्रक किताबें कबाड़ी को बेची जा चुकी है.
उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र भी दिया गया है। जिसमें आरोप लगाते हुए कहा गया है कि कोटा चयन की प्रक्रिया में गलत तरीका अपनाया गया है।
स्कूल की तरफ से भी अभिभावकों को मैसेज किया जा रहा है कि अगर आपका बच्चा इंफेक्टेड है तो उसे स्कूल न भेजें। बारिश के मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
जहां एक ओर भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण तेजी में है, तो दूसरी ओर योगी सरकार वहां के विकास को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है।
राम मंदिर के लोकार्पण से पहले ही प्रशासन दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुख्ता करने की रणनीति पर काम कर रहा है। मंदिर हवाई हमले से सुरक्षित रहे इसके लिए सरयू नदी और जमीन से सुरक्षा का खाका तैयार किया जा रहा है।
शनिवार को सुल्तानपुर जिले के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे कूरेभार के अरवल कीरी करवत में बनी एयर स्ट्रिप एयर फोर्स के अधिकारी एयर स्ट्रिप पर पहुंचे। इसके बाद सेना के जहाज आना शुरू हुए। फिर करीब 11 बजे एयरस्ट्रिप पर सुखोई व मिराज जैसे जंगी जहाजों ने उड़ान भरना शुरू किया।
नगर निगम के सभी अधिकारी कर्मचारी व पार्षद मौजूद रहे। यहां आए हुए सभी शिकायतकर्ताओं की समस्या का निस्तारण किया गया। ये अयोध्या नगर निगम के 60 वार्ड में कैंप का आयोजन किया जाएगा।