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बांदा में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

बांदा में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और जागरूकता को लेकर पुलिस लाइन सभागार में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने घरेलू हिंसा, बाल विवाह, बाल श्रम, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा करते हुए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया। कार्यक्रम में पीड़ितों की सहायता, कानूनी प्रावधानों और पुनर्वास व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई, साथ ही सुरक्षित और संवेदनशील समाज निर्माण का संकल्प लिया गया।

By: BS Yadav  RNI News Network
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बांदा में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

बांदा में महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ होने वाली हिंसा की रोकथाम और उनके संरक्षण को लेकर पुलिस लाइन सभागार में एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पुलिस विभाग और ग्रामीण स्वावलंबन समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया।

विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर

कार्यशाला की अध्यक्षता सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टॉक ने की। कार्यक्रम के दौरान सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया।

महिला और बाल अधिकारों पर हुई विस्तृत चर्चा

कार्यशाला में महिला सुरक्षा, बाल अधिकार, कानूनी प्रावधान, शिकायत निवारण प्रणाली और पुनर्वास सेवाओं जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जिसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

 

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सामाजिक कुरीतियों और अपराधों पर जागरूकता

इस दौरान घरेलू हिंसा, बाल विवाह, बाल श्रम, लैंगिक भेदभाव, मानव तस्करी, यौन उत्पीड़न और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों को विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं और कानूनी सहायता के बारे में भी जानकारी दी गई।

प्रशासनिक और सामाजिक भागीदारी पर जोर

कार्यशाला में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्डलाइन तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मिलकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

 

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