आजमगढ़ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे स्थित सेंहदा टोल प्लाजा पर वन विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से लकड़ी का परिवहन कर रहे पांच ट्रकों को पकड़ लिया। यह कार्रवाई बीती रात लगभग 12 बजे से 1 बजे के बीच की गई। पकड़ी गई लकड़ी बिहार ले जाई जा रही थी। मामले में वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
दस्तावेज मांगने पर नहीं दिखा सके कागजात
वन विभाग की जांच में सामने आया कि पकड़े गए पांच ट्रकों में से चार ट्रक सुल्तानपुर और एक ट्रक प्रतापगढ़ जनपद से आया था। जब ट्रक चालकों से वृक्ष कटान एवं लकड़ी के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई भी अनुमति पत्र या अभिवहन पास प्रस्तुत नहीं कर सके।
आम, महुआ और गूलर की लकड़ी बरामद
जांच के दौरान ट्रकों में आम, महुआ और गूलर जैसी प्रतिबंधित श्रेणी की लकड़ियां पाई गईं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इन प्रजातियों के परिवहन के लिए आवश्यक अनुमति और अभिवहन संबंधी दस्तावेज होना अनिवार्य है, लेकिन किसी भी वाहन के पास वैध कागजात नहीं मिले।

ad
वन विभाग की अभिरक्षा में पांचों ट्रक
कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने सभी ट्रकों को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। वन विभाग ने अवैध लकड़ी और वाहनों को अपनी अभिरक्षा में लेते हुए भारतीय वन अधिनियम की धारा 52, 66 एवं 69 के तहत विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि अवैध लकड़ी का परिवहन करने वाले वाहन भी वन अपराध की श्रेणी में आते हैं।
लकड़ी कहां से काटी गई, जांच जारी
प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी प्रभाग, आजमगढ़ आकांक्षा जैन ने बताया कि पांच ट्रकों में आम, महुआ और गूलर की लकड़ियां बरामद हुई हैं। प्रथम दृष्टया यह अवैध परिवहन का मामला प्रतीत होता है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि लकड़ियां कहां से काटी गईं और इनके पीछे कौन लोग शामिल हैं। साथ ही बरामद लकड़ी की मात्रा और उसकी अनुमानित कीमत का भी आकलन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ट्रक बिहार की ओर जा रहे थे और किसी भी वाहन के पास वैध अभिवहन पास नहीं था। भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत यह गंभीर अपराध है। मामले की गहन जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।