आजमगढ़। जल जीवन मिशन के तहत निर्मित एक ऊंची पानी टंकी की छत तेज आंधी और तूफान में उड़ जाने से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला आजमगढ़ जिले के ठेकमा ब्लॉक अंतर्गत शंकरपुर कनोना गांव का है, जहां शनिवार को हुई तेज आंधी के दौरान टंकी का ऊपरी हिस्सा अलग होकर दूर जा गिरा।

घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन ग्रामीणों ने सरकारी परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि निर्माणाधीन या निर्मित संरचनाएं तेज हवा भी नहीं झेल पा रही हैं, तो निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मामले पर जल निगम के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) राजेंद्र कुमार ने बताया कि संबंधित परियोजना का कार्य लगभग एक महीने से बंद था। उनके अनुसार पानी टंकी के ऊपरी हिस्से पर सुरक्षा लॉक नहीं लगाया गया था, जिसके कारण तेज आंधी और तूफान के दौरान वह उड़कर अलग हो गया।

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हालांकि अधिकारियों की ओर से घटना के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि नुकसान केवल प्राकृतिक कारणों से हुआ या निर्माण एवं रखरखाव में किसी प्रकार की तकनीकी कमी भी जिम्मेदार रही।
घटना के बाद जल जीवन मिशन के तहत जिले में चल रही अन्य परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि सभी निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का तकनीकी परीक्षण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को रोका जा सके।
फिलहाल विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही इस बात की पुष्टि हो सकेगी कि टंकी की छत उड़ने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
राकेश वर्मा की रिपोर्ट