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Lucknow: आवारा कुत्तों से निजात दिलाएंगे शेल्टर होम और एबीसी सेंटर, योगी सरकार ने तेज की कार्यवाही

डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर सरकार गंभीर, मानवीय और वैज्ञानिक समाधान पर जोर...

By: Abhinav Tiwari  RNI News Network
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Lucknow: आवारा कुत्तों से निजात दिलाएंगे शेल्टर होम और एबीसी सेंटर, योगी सरकार ने तेज की कार्यवाही

प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या और डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को लेकर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त और ठोस कदम उठाए हैं। जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने नगर निगमों और जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम और एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर की स्थापना प्रक्रिया को तेज कर दिया है। भूमि चिह्नीकरण, बजट निर्धारण और परियोजना स्वीकृति की कार्यवाही एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुरूप होगी पूरी व्यवस्था

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुरूप किया जा रहा है। इन दिशानिर्देशों में नागरिक सुरक्षा और पशु कल्याण-दोनों को समान प्राथमिकता देने की बात कही गई है। सरकार का उद्देश्य किसी भी तरह की क्रूरता के बिना स्थायी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

डॉग शेल्टर होम के लिए अलग डीपीआर, 531 लाख तक लागत अनुमान

योगी सरकार ने डॉग शेल्टर होम के लिए अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार प्रति शेल्टर होम 470 लाख रुपये से 531 लाख रुपये तक की लागत आने का अनुमान है। डीपीआर में शेल्टर होम की क्षमता, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, पशु चिकित्सा सुविधाएं, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती जैसे सभी अहम बिंदुओं को शामिल किया गया है। शासन स्तर पर इन डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है।

नगर निगमों को भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश

सरकार ने सभी नगर निगमों को निर्देशित किया है कि वे डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर के लिए उपयुक्त भूमि शीघ्र उपलब्ध कराएं और प्रशासनिक औपचारिकताओं को जल्द पूरा करें। नगर निगम क्षेत्रों में पहले से संचालित या प्रस्तावित एबीसी सेंटरों के साथ शेल्टर होम विकसित किए जाएंगे, ताकि आवारा कुत्तों की संख्या पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।

प्रयागराज और लखनऊ सहित कई शहरों में भूमि चिह्नित

प्रगति रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र में ग्राम मऊर उपरहट, तहसील सोरांव में डॉग शेल्टर होम के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। वहीं लखनऊ नगर निगम में भूमि उपलब्धता को लेकर कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है। अन्य नगर निगमों से भी सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं, ताकि पूरे प्रदेश में समान व्यवस्था लागू की जा सके।

जनपद मुख्यालयों पर भी एबीसी सेंटर की तैयारी

जनपद मुख्यालयों पर एबीसी सेंटर और शेल्टर होम की स्थापना को लेकर भी तेजी से कार्यवाही हो रही है।

  • ललितपुर: 12.182 हेक्टेयर भूमि

  • हरदोई: 0.2 हेक्टेयर भूमि

  • बुलंदशहर: 2000 वर्ग मीटर

  • फतेहपुर: 0.769 हेक्टेयर भूमि

इन जिलों में एबीसी सेंटर और डॉग शेल्टर होम के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। शेष जनपदों से जानकारी मिलते ही वहां भी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जन सुरक्षा और पशु कल्याण-दोनों का संतुलन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का स्पष्ट संदेश है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान न तो हिंसक होगा और न ही अस्थायी। मानवीय, वैज्ञानिक और स्थायी मॉडल के जरिए जहां आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, वहीं पशु कल्याण को भी मजबूती मिलेगी।

डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर की यह व्यापक योजना उत्तर प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम मानी जा रही है। इससे डॉग बाइट की घटनाओं में कमी आएगी और शहरी व ग्रामीण-दोनों क्षेत्रों में सुरक्षित और संतुलित वातावरण तैयार होगा।

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