अयोध्या: राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ‘रामभक्ति’ के नाम एक हस्तलिखित पत्र जारी कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
चंपत राय ने पत्र में कहा कि उन्हें झूठे आरोपों के जरिए बदनाम करने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि पूरी जांच पूरी होने के बाद सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी।

यह पत्र ऐसे समय सामने आया है, जब एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अपने पत्र में चंपत राय ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए भरोसा जताया कि अंतिम जांच रिपोर्ट में सभी तथ्य स्पष्ट हो जाएंगे।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 1991 से वह अयोध्या में सेवा कार्य से जुड़े हैं और पिछले 45 वर्षों का उनका सार्वजनिक जीवन पूरी तरह निष्कलंक रहा है।
फिलहाल इस मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।