लखनऊ: प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार को उदयगंज स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के मुख्यालय सभागार में विभागीय मुख्य अभियंताओं के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में संचालित स्वीकृत एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति, बजट उपयोग और कार्यों की गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि स्वीकृत और निर्माणाधीन परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन में देरी से न केवल विकास कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि जनहित से जुड़े उद्देश्यों की पूर्ति में भी बाधा आती है।
उन्होंने सभी मुख्य अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। कार्यों के दौरान आने वाली तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य बाधाओं का तत्काल समाधान कर परियोजनाओं की गति तेज की जाए। उन्होंने प्रत्येक स्वीकृत और निर्माणाधीन परियोजना की नियमित परियोजनावार समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।

बजट उपयोग और कार्यों में देरी पर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक में मंत्री ने परियोजनावार भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, स्वीकृत लागत, उपलब्ध बजट, बजट आवंटन और आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान कई परियोजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने, निर्माण कार्यों में देरी और बजट के कम उपयोग पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि शासन द्वारा जनहित और प्रदेश के विकास को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं के लिए बजट उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में आवंटित धनराशि का समयबद्ध, नियमानुसार और प्रभावी उपयोग करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों या कार्यदायी संस्थाओं द्वारा बजट का अपेक्षित उपयोग नहीं किया जा रहा है, उनकी जवाबदेही तय की जाए।उन्होंने कहा कि कार्यों में लापरवाही, उदासीनता या निर्धारित लक्ष्यों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर दोषी अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
अगली समीक्षा बैठक तक लक्ष्य पूरे करने के निर्देश
जलशक्ति मंत्री ने सभी अधिकारियों के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करते हुए निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक तक प्रत्येक परियोजना में निर्धारित भौतिक और वित्तीय प्रगति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में सभी परियोजनाओं की दोबारा समीक्षा की जाएगी और लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इन्हें किसानों की सुविधा, जल संसाधनों के सुदृढ़ीकरण और प्रदेश के समग्र विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानकर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव पर जोर
बैठक में जलशक्ति मंत्री ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की परिसंपत्तियों के रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग की सभी परिसंपत्तियों जैसे पुल, पुलिया, सायफन और अन्य संरचनाओं का सर्वेक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएं।उन्होंने विभागीय परिसंपत्तियों की डेंटिंग-पेंटिंग और सौंदर्यीकरण का कार्य विशेष अभियान चलाकर दिसंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए।बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग अनिल गर्ग, विभागाध्यक्ष संदीप कुमार, प्रमुख अभियंता (परियोजना) रमेश चंद्र वर्मा, प्रमुख अभियंता अवधेश कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।