1. हिन्दी समाचार
  2. Azamgarh
  3. आजमगढ़ जिला महिला चिकित्सालय के एनआईसीयू का निरीक्षण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर

आजमगढ़ जिला महिला चिकित्सालय के एनआईसीयू का निरीक्षण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर

आजमगढ़ जिला महिला चिकित्सालय के एनआईसीयू का निरीक्षण डॉ. उमाशरण पांडेय द्वारा किया गया, जिसमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं, स्टाफ की कार्यप्रणाली और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की गई।

By: BS Yadav  RNI News Network
Updated:
आजमगढ़ जिला महिला चिकित्सालय के एनआईसीयू का निरीक्षण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर

आजमगढ़ जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में जिला महिला चिकित्सालय स्थित नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (आरसीएच) एवं वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उमाशरण पांडेय द्वारा किया गया, जिसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं और सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

चिकित्सा सेवाओं और स्टाफ की कार्यप्रणाली की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान डॉ. पांडेय ने एनआईसीयू में उपलब्ध सुविधाओं, नवजात शिशुओं को दी जा रही चिकित्सा सेवाओं तथा चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की कार्यशैली का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ संवाद कर सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

मरीजों के परिजनों से भी किया संवाद

डॉ. उमाशरण पांडेय ने भर्ती नवजात शिशुओं के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उनके सहज और संवेदनशील व्यवहार से परिजनों में संतोष और विश्वास का माहौल देखने को मिला, वहीं चिकित्सा स्टाफ का भी उत्साह बढ़ा।

गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर

निरीक्षण के दौरान डॉ. पांडेय ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार आवश्यक है। उन्होंने चिकित्सकीय दक्षता के साथ-साथ संवेदनशीलता, टीमवर्क और नियमित प्रशिक्षण को भी जरूरी बताया। साथ ही एनआईसीयू टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए मरीज-केंद्रित सेवाओं को और मजबूत करने पर बल दिया।

 

ad

अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली की सराहना

जिला महिला चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. विनय सिंह यादव की कार्यशैली भी इस दौरान चर्चा में रही। अस्पताल में स्वच्छता, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं और मरीजों के प्रति सकारात्मक वातावरण को उनके कुशल नेतृत्व का परिणाम बताया गया।

बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में कदम

निरीक्षण को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि चिकित्सकीय विशेषज्ञता और प्रशासनिक दक्षता के समन्वय से अस्पतालों की सेवाओं में और अधिक सुधार संभव है।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद

स्थानीय स्वास्थ्य क्षेत्र में इस प्रकार के निरीक्षण और पहल को सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे न केवल अस्पताल व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आमजन का स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा भी और अधिक बढ़ेगा।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें गूगल न्यूज़, फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...