अयोध्या के कुमारगंज स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 28वें दीक्षोत्सव के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की प्रतिभा को सम्मानित किया। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों में आयोजित खेल, निबंध लेखन, काव्य लेखन, लोकनृत्य और पेंटिंग समेत विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को राज्यपाल ने सम्मानित किया।
दीक्षोत्सव के मंच पर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन भी किया। कम्पोजिट विद्यालय गोकुला, कुमारगंज की कक्षा-7 की छात्रा प्रांजलि सिंह ने ‘मेरी मां’ विषय पर प्रभावी भाषण प्रस्तुत किया। प्रांजलि ने बिना झिझक और पूरे आत्मविश्वास के साथ मां के स्नेह, त्याग और परिवार के प्रति उनके समर्पण को शब्दों में व्यक्त किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उसकी प्रस्तुति और स्पष्ट कथन शैली की विशेष रूप से सराहना की और उसका उत्साह बढ़ाया।

कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय बसापुर और उच्च प्राथमिक विद्यालय सिधौना, शिक्षा क्षेत्र मिल्कीपुर की छात्राओं ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। दोनों विद्यालयों की 10 छात्राओं ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सामूहिक लोकगीत ‘कैसे बसंत ऋतु आई हो, जब पेड़वे न होहिये’ प्रस्तुत किया। इसके बाद 15 छात्राओं ने ‘बड़ा नीक लागे हमरा देशवा के माटी’ गीत पर पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत कर समारोह में मौजूद लोगों का मन मोह लिया।
इसके बाद बच्चों ने ‘पेड़वां लगाईं, पर्यावरण बचाईं… एहि में सबकर भलाई हो’ काव्य गीत के माध्यम से अधिक से अधिक पौधे लगाने, पर्यावरण बचाने और जल संरक्षण का संदेश दिया। प्रस्तुतियों में लोक संस्कृति, देशभक्ति, मां के प्रति सम्मान और प्रकृति संरक्षण का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
राज्यपाल ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया और सभी बच्चों को चॉकलेट देकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे बेहद प्रतिभाशाली हैं और इतने बड़े मंच पर उनका आत्मविश्वास उनकी क्षमता को दर्शाता है। राज्यपाल ने ग्रामीण बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।