आजमगढ़ में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उनके आवागमन को आसान बनाने के लिए महत्वपूर्ण योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की ऐसी पात्र दिव्यांग छात्राओं को 65 हजार रुपये तक की आई-ट्राई साइकिल निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी, जो किसी शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत हैं।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शान्त प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए जनपद आजमगढ़ में योजना के तहत 200 सीटों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पात्र छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए छात्राओं को निर्धारित पात्रता और आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अधिकारी के अनुसार इस योजना में पहले आओ-पहले पाओ की व्यवस्था लागू की गई है। यानी जो पात्र और इच्छुक छात्राएं पहले आवेदन करेंगी, उनके आवेदन पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा। ऐसे में पात्र छात्राओं के लिए समय रहते आवेदन करना बेहद जरूरी है। जिले में सीटों की संख्या सीमित होने के कारण आवेदन में देरी करने पर योजना का लाभ मिलने की संभावना प्रभावित हो सकती है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग छात्राओं को शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने में होने वाली परेशानियों को कम करना है। कई दिव्यांग छात्राओं के लिए आवागमन की सुविधा शिक्षा जारी रखने में बड़ी चुनौती होती है। आई-ट्राई साइकिल मिलने से ऐसी छात्राओं को स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है। बेहतर आवागमन सुविधा मिलने से छात्राएं अपनी पढ़ाई को अधिक सुगमता से जारी रख सकेंगी और शिक्षा के माध्यम से भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने पात्र एवं इच्छुक छात्राओं से जल्द आवेदन करने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आजमगढ़ के लिए निर्धारित 200 सीटों का लक्ष्य सीमित है और पात्र लाभार्थियों के आवेदन पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा। इसलिए पात्र छात्राओं को बिना अनावश्यक देरी किए आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए और सरकार की इस योजना का लाभ उठाना चाहिए।