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गोण्डा में घाघरा नदी उफान पर, खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर

गोण्डा में लगातार बारिश के चलते घाघरा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी किनारे के इलाकों में हाई अलर्ट के साथ निगरानी बढ़ाई गई है। वहीं 11 हजार वोल्ट की लाइन गिरने से कई गांवों की बिजली प्रभावित हुई है और बारिश से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

By: Nivedita  RNI News Network
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गोण्डा में घाघरा नदी उफान पर, खतरे के निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर

गोण्डा, उत्तर प्रदेश। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान से करीब 49 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने के बाद नदी के किनारे और बांध से सटे इलाकों में प्रशासन की ओर से सतर्कता बढ़ा दी गई है।

नदी किनारे के इलाकों में बढ़ी चिंता

लगातार बारिश के कारण घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद आसपास के ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल है। बांध और नदी के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ग्रामीणों से जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

चार दिनों की बारिश से बिजली व्यवस्था प्रभावित

गोण्डा में पिछले चार दिनों से जारी बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। बारिश के दौरान 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन गिरने से कई गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की जानकारी सामने आई है। बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित स्तर पर विद्युत आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

बारिश और जलभराव से फसलों को नुकसान

लगातार बारिश और खेतों में जलभराव का असर किसानों पर भी पड़ा है। खेतों में खड़ी फसलों को बारिश और तेज हवाओं से नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। जलस्तर बढ़ने के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी और बांध से जुड़े क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। लगातार बारिश के बीच प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है, ताकि जलस्तर और बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

 

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