लखनऊ। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में शुक्रवार को नारकोटिक्स कंट्रोल एवं समन्वय तंत्र (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समिति की तीसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक, नशा मुक्ति अभियान, जब्त मादक पदार्थों के निस्तारण और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकें नियमित रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चिन्हित नशे के हॉट स्पॉट पर लगातार निगरानी रखने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 500 मीटर के दायरे को सख्त ड्रग फ्री जोन के रूप में घोषित कर प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए गए। स्कूल और कॉलेजों में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्य सचिव ने मादक पदार्थों के परिवहन, तस्करी और अवैध व्यापार से जुड़े स्रोतों, नेटवर्क तथा वितरण तंत्र पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिक से अधिक बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में एएनटीएफ की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 3,737 मामले दर्ज, 5,390 आरोपियों की गिरफ्तारी और करीब 32,768 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी हुई है। इसी अवधि में एएनटीएफ ने 153 मामले दर्ज कर 340 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 8,135.52 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए।
पिछले 10 वर्षों में मादक पदार्थों की जब्ती से जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर लखनऊ, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आगरा, बरेली, शामली, बाराबंकी, सहारनपुर और सोनभद्र को प्रमुख हॉट स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में हाई वैल्यू टारगेट के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

मुख्य सचिव ने नशा मुक्ति जागरूकता अभियानों को लगातार चलाने के साथ नशे की गिरफ्त में आए युवाओं की काउंसलिंग और पुनर्वास पर भी ध्यान देने को कहा। मादक पदार्थों के निस्तारण में निर्धारित एसओपी का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि एएनटीएफ के गठन के बाद वर्ष 2022 से अगस्त 2026 तक प्रदेश में 4,37,902 किलोग्राम मादक पदार्थों का निस्तारण किया गया है। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1,925 करोड़ रुपये बताई गई। इसके अलावा करीब 78 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी भी दी गई।
जनवरी से जून 2026 के बीच प्रदेश में 2,642 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 1,50,711 लोगों को मादक पदार्थों से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। बैठक में प्री-कर्सर रसायनों, नियंत्रित पदार्थों और नशीली दवाओं के अवैध डायवर्जन पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अवैध अफीम की खेती की सूचना देने के लिए सीबीएन और सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो की ओर से जारी व्हाट्सऐप नंबर 986855002 की जानकारी भी दी गई। इस माध्यम से अवैध खेती से संबंधित फोटो उपलब्ध कराने की सुविधा बताई गई है। बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस, एनसीबी, सीबीएन, एफएसडीए, एफएसएल, डीआरआई, जीएसटी और आबकारी विभाग समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।