गाजियाबाद के पसोंडा क्षेत्र में शालीमार गार्डन मेन से सटी करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। सरकारी अभिलेखों में जिस जमीन को झील और जलाशय के रूप में दर्ज बताया जा रहा है, उस पर इमारत खड़ी होने की शिकायत की गई है। आरोप है कि निर्माण के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) से नक्शा भी स्वीकृत कराया गया। मामला सामने आने के बाद अब गाजियाबाद की मेयर सुनीता दयाल के संज्ञान में पहुंच गया है और कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
मामला पसोंडा के खसरा संख्या 1563/1, 1562 और 1664 समेत अन्य जमीनों से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायत में खसरा संख्या 1563 और 1564 पर स्थित प्लॉट संख्या 775 का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार राजस्व अभिलेखों में संबंधित जमीन झील और जलाशय के रूप में दर्ज है तथा इस पर नगर निगम गाजियाबाद का स्वामित्व बताया गया है। इसके बावजूद इसी जमीन पर निर्माण किए जाने का आरोप है। मामले ने अब सरकारी भूमि के उपयोग और निर्माण की अनुमति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले को लेकर 14 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय सहित संबंधित विभागों के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद 23 अगस्त 2025 को तहसीलदार सदर के स्तर से संबंधित खसरा नंबरों की स्थलीय और अभिलेखीय जांच कराई गई। शिकायत के मुताबिक जांच के दौरान संबंधित भूमि का रिकॉर्ड झील के रूप में दर्ज पाया गया। जांच से जुड़ी जानकारी नगर निगम को भी उपलब्ध कराई गई थी।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि झील और जलाशय के रूप में दर्ज भूमि पर निर्माण के लिए जीडीए से नक्शा स्वीकृत कराया गया। साथ ही निर्माण से संबंधित एनओसी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। अब जांच का अहम बिंदु यह है कि सरकारी रिकॉर्ड में झील के रूप में दर्ज भूमि पर निर्माण की अनुमति किस आधार पर मिली और संबंधित दस्तावेजों की वैधता क्या है।
मामला मेयर सुनीता दयाल के संज्ञान में आने के बाद नगर निगम स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ने की बात सामने आई है। संबंधित विभागों द्वारा जमीन के रिकॉर्ड, निर्माण की स्थिति और स्वीकृत नक्शे समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। यदि जांच में निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मामले में विभागीय जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।