Ghaziabad Development Authority News in Hindi

GDA की 172वीं बोर्ड बैठक में बड़े प्रस्ताव पास, गाजियाबाद के विकास को मिलेगी रफ्तार

GDA की 172वीं बोर्ड बैठक में बड़े प्रस्ताव पास, गाजियाबाद के विकास को मिलेगी रफ्तार

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की 172वीं बोर्ड बैठक में एरोसिटी, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, हरनंदीपुरम आवासीय योजना और आधुनिक शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की विकास योजनाओं पर विशेष फोकस रहा।

Ghaziabad अवैध कॉलोनियों और निर्माणों पर जीडीए का एक्शन, कई इमारतें चला बुलडोजर

Ghaziabad अवैध कॉलोनियों और निर्माणों पर जीडीए का एक्शन, कई इमारतें चला बुलडोजर

Ghaziabad : गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने गुरुवार को जिले के विभिन्न इलाकों में अवैध कॉलोनी और निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। उपाध्यक्ष के निर्देशानुसार प्रवर्तन जोन-2 और जोन-8 की टीमों ने कई सड़कों, दीवारों, भवनों और साइट ऑफिसों को ध्वस्त कर अवैध निर्माणों को जड़ से खत्म किया।

Ghaziabad News : गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई,

Ghaziabad News : गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई,

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अतुल वत्स के अवैध निर्माण व अवैध कालोनियों के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने के निर्देशन में मंगलवार को प्रभारी प्रवर्तन जोन-4 के नेतृत्व में मोहम्मद ईरशाद आदि द्वारा ताज वेडिंग पैलेस प्रताप विहार गाजियाबाद, 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में भूतल पर एक हाल ,2 कमरे टॉयलेट ,स्विमिंग पूल और चेंजिंग रूम आदि को 3 जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया

जीडीए की समीक्षा बैठक में लंबित प्रकरणों पर गहन मंथन, विकास कार्यों में तेजी के निर्देश

जीडीए की समीक्षा बैठक में लंबित प्रकरणों पर गहन मंथन, विकास कार्यों में तेजी के निर्देश

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की समीक्षा बैठक: लंबित प्रकरणों पर गहन मंथन, विकास कार्यों में तेजी के निर्देश

Ghaziabad News: जीडीए की लापरवाही से माली आंदोलन के लिए मजबूर, पांच महीने से नहीं मिला मानदेय

Ghaziabad News: जीडीए की लापरवाही से माली आंदोलन के लिए मजबूर, पांच महीने से नहीं मिला मानदेय

समय से पेमेंट न होने पर ठेकेदार और माली दोनों की परेशानी बढ़ गई है। आपको बता दें कि गाजियाबाद के लगभग सभी ठेकेदार प्राधिकरण के पैसे ना देने की वजह से परेशान हैं।