प्रयागराज: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को प्रयागराज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, युवाओं के भविष्य, राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे विषयों पर सरकार को घेरा।प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रही है। उन्होंने परीक्षा प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन को लेकर सरकार की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि हर जगह एयरफोर्स के माध्यम से प्रश्नपत्र भेजे जाएंगे तो छोटे जिलों तक पहुंचाने के लिए क्या हर स्थान पर हेलीपैड बनाना पड़ेगा।

उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की आयु सीमा में तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट देने की मांग करते हुए कहा कि लगातार भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और पेपर लीक की घटनाओं का खामियाजा युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के लिए “नेशन फर्स्ट” नहीं बल्कि “डोनेशन फर्स्ट” प्राथमिकता है। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित आर्थिक अनियमितताओं पर जवाबदेही तय करने की मांग की।
सपा प्रमुख ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ा है और पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।राजनीतिक भविष्य को लेकर अखिलेश यादव ने दावा किया कि इंडिया गठबंधन को और मजबूत किया जाएगा तथा वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।