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यमुना प्राधिकरण ने किसानों को दिए 7 प्रतिशत आबादी भूखंड के आरक्षण पत्र

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-29 तिरथली गांव के किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंड के आरक्षण पत्र जारी किए। 588 किसानों को डाक के माध्यम से पत्र भेजे गए।

By: BS Yadav  RNI News Network
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यमुना प्राधिकरण ने किसानों को दिए 7 प्रतिशत आबादी भूखंड के आरक्षण पत्र

नोएडा : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेक्टर-29 स्थित तिरथली गांव के किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंड दिए जाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। प्राधिकरण की ओर से किसानों के लिए आरक्षण पत्र जारी कर दिए गए हैं, जिससे क्षेत्र के किसानों में खुशी का माहौल है।

इस अवसर पर Rakesh Kumar Singh ने स्वयं कृषक वीरेंद्र कुमार को आरक्षण पत्र सौंपा। इसके अलावा 588 अन्य किसानों के आरक्षण पत्र भूलेख विभाग द्वारा डाक के माध्यम से भेजे गए हैं। इस प्रकार कुल 589 किसानों को इस योजना का लाभ मिलने जा रहा है।

प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-29 में विकसित किए जा रहे अपैरल पार्क परियोजना के अंतर्गत यह पहल की गई है। किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंड देने की योजना लंबे समय से लंबित थी, जिसे अब गति दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों के अधिकारों और हितों को ध्यान में रखते हुए यह प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जा रही है।

YEIDA के अनुसार, आरक्षण पत्र जारी होने के बाद जल्द ही भूखंडों का विकास कार्य भी पूरा किया जाएगा। इसके बाद किसानों को उनके भूखंडों का भौतिक कब्जा सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्राधिकरण का दावा है कि इससे किसानों को आर्थिक और सामाजिक रूप से बड़ा लाभ मिलेगा।

सेक्टर-29 में प्रस्तावित अपैरल पार्क को औद्योगिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही किसानों को भी विकास परियोजनाओं में भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर मिलेगा।

किसानों का कहना है कि लंबे समय से वे इस प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे और अब आरक्षण पत्र मिलने से उन्हें राहत मिली है। प्राधिकरण की इस पहल को किसान हितैषी कदम के रूप में देखा जा रहा है।

यमुना प्राधिकरण लगातार औद्योगिक विकास के साथ-साथ किसानों के हितों को संतुलित करने का प्रयास कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भी किसानों से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा।

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