अयोध्या में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर समाजवादी पार्टी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को Samajwadi Party महानगर अयोध्या का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ सपा नेता Tej Narayan Pandey के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिला और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने अयोध्या विधानसभा के भाग संख्या 222 और भाग संख्या 8 में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

सपा महानगर प्रवक्ता राकेश यादव एडवोकेट ने बताया कि भाग संख्या 222 के अंतर्गत मतदान स्थल भौतिक भवन Dr. Ram Manohar Lohia Avadh University में लगभग 150 मतदाताओं के फार्म-6 बीएलओ गीता को जमा कराए गए थे। हालांकि अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद इन सभी मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं पाए गए। इस मामले को लेकर पहले भी एसडीएम सदर से शिकायत की गई थी, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने पर सपा प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में सभी संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। सपा नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम गायब होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और इससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
इसके साथ ही भाग संख्या 8 में एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज होने का मामला भी जिलाधिकारी के सामने उठाया गया। सपा नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते इन त्रुटियों को ठीक नहीं किया गया तो चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।
जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस मुद्दे को लेकर अयोध्या की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि मामले का निष्पक्ष समाधान नहीं हुआ तो आगे भी आंदोलन और विरोध दर्ज कराया जा सकता है। वहीं प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।