आजमगढ़ जनपद के अतरौलिया क्षेत्र स्थित बांसगांव में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित किसान कल्याण भवन शुरुआती दौर में ही निर्माण गुणवत्ता को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। जनवरी 2026 में कृषि विभाग को हस्तांतरित किए गए इस भवन में अब खामियां सामने आने लगी हैं। भवन की खिड़कियों के शीशे टूटकर बाहर निकलने की घटनाओं ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार किसान कल्याण भवन का निर्माण उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (UP Project Corporation Limited) की यूनिट-19, आजमगढ़ द्वारा कराया गया था। वर्ष 2025 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट पर लगभग 1 करोड़ 21 लाख 87 हजार रुपये की लागत आई थी। भवन का उद्देश्य किसानों को एक ही परिसर में कृषि से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराना था, ताकि उन्हें खाद-बीज वितरण, प्रशिक्षण, बैठक एवं कृषि योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके।

लेकिन भवन शुरू होने के कुछ ही महीनों बाद निर्माण कार्य में खामियां सामने आने लगी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खिड़कियों के शीशे ठीक तरीके से फिट नहीं किए गए थे, जिसके चलते वे टूटकर बाहर निकल रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी लागत से बने भवन में शुरुआती दौर में ही इस प्रकार की दिक्कतें सामने आना निर्माण एजेंसी की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
केंद्र प्रभारी धीरज मौर्य ने बताया कि आगामी खरीफ सीजन में धान, ढैंचा, सांवा और कोदो सहित विभिन्न फसलों के बीज इसी केंद्र से वितरित किए जाएंगे। उन्होंने माना कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण केंद्र संचालन में कुछ परेशानियां आ रही हैं।
वहीं इस मामले में जिला कृषि अधिकारी गगनदीप सिंह ने कहा कि भवन निर्माण संबंधी शिकायतों की जानकारी विभाग को मिली है। कमरे में लगे खिड़की में लगे शीशे टूटने लगे और छत पर बने रेलिंग में दरार भी आने लगे। इस मामले की जांच कराई जा रही है और जो भी खामियां सामने आएंगी, उनके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।