नई दिल्ली। ताज पैलेस में आयोजित ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026’ में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच औद्योगिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण पहल सामने आई। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यामानाशी के गवर्नर कोटारो नागासाकी सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के दौरान जापानी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी में एस्कॉर्ट्स कुबोटा लिमिटेड और मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड की प्रस्तावित परियोजनाओं के वर्चुअल ग्राउंड-ब्रेकिंग समारोह में सहभागिता की गई। वहीं स्पार्क मिंडा टोयो डेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को पात्रता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया।
एस्कॉर्ट्स कुबोटा द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-10 में आधुनिक विनिर्माण इकाई विकसित की जा रही है। यहां ट्रैक्टर, निर्माण उपकरण और उनसे जुड़े उत्पादों के निर्माण पर फोकस रहेगा। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में कृषि मशीनरी और निर्माण उपकरण के विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मिंडा कॉरपोरेशन की प्रस्तावित परियोजनाएं सेक्टर-10 और सेक्टर-24 में स्थापित की जाएंगी। इन इकाइयों में मेकाट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, वायरिंग हार्नेस, इग्निशन सिस्टम और आधुनिक कनेक्शन तकनीकों से जुड़े उत्पादों के निर्माण पर जोर रहेगा। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश के ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग विनिर्माण इकोसिस्टम को विस्तार मिलने की संभावना है।
नई परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, कृषि मशीनरी और इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े छोटे-बड़े उद्योगों को भी लाभ मिल सकता है। जापानी कंपनियों की विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश के बड़े बाजार, कुशल मानव संसाधन तथा बेहतर बुनियादी ढांचे के बीच तालमेल से औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना जताई गई।
कार्यक्रम में भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी की संभावनाओं पर जोर दिया गया। जापान की तकनीकी दक्षता और विनिर्माण क्षेत्र का अनुभव उत्तर प्रदेश की कुशल कार्यशक्ति, बाजार और औद्योगिक आधार के साथ मिलकर नए अवसर पैदा कर सकता है। इसके साथ ही एमएसएमई, अनुसंधान, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।
औद्योगिक गलियारों, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ने के साथ उत्तर प्रदेश अपनी अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य निवेश और रोजगार के माध्यम से प्रदेश की आर्थिक क्षमता को लगातार विस्तार देना है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, JETRO के प्रतिनिधियों सहित उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। एस्कॉर्ट्स कुबोटा के सीएमडी निखिल नंदा, कुबोटा कॉरपोरेशन के प्रेसिडेंट एवं सीईओ शिंगो हनाडा, होंडा के प्रेसिडेंट एवं सीईओ जोजी मुराकामी, डेंसो कॉरपोरेशन के एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर संजय भार्गव, स्पार्क मिंडा के ग्रुप चेयरमैन अशोक मिंडा और आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल समेत 200 से अधिक जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट को प्रदेश में जापानी निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे विनिर्माण, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।