लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के तहत स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटर्स को प्रोत्साहन राशि वितरित की।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही 9 इनक्यूबेटर्स को करीब 1.79 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। सरकार का उद्देश्य नए उद्यमों को शुरुआती स्तर पर आर्थिक और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 पुस्तिका का विमोचन किया। नई नीति के जरिए प्रदेश में नवाचार आधारित कारोबार, उद्यमिता और युवाओं के लिए नए अवसरों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया। इस पोर्टल के माध्यम से स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ी सुविधाओं और सरकारी सहायता को अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में नए इनक्यूबेटर्स को मान्यता प्रमाण-पत्र भी दिए गए। इसके अलावा भारत इनोवेट्स में चयनित उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया। सरकार की ओर से इसे प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं और उद्यमियों से उत्तर प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास प्रदेश को निवेश और रोजगार के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म बनाने का है।
सरकार का फोकस स्टार्टअप संस्कृति को मजबूत करने के साथ युवाओं को रोजगार देने वाले नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने पर है। आर्थिक सहायता, इनक्यूबेशन और नई नीतियों के जरिए प्रदेश में नए कारोबारी विचारों को जमीन पर उतारने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी स्टार्टअप्स और उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।