मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यापक विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बजट का हर प्रावधान आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला होना चाहिए और लोककल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहे।
जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते लगभग नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास, सुरक्षा और वित्तीय समृद्धि की दिशा में ठोस प्रगति की है। इस विकास यात्रा से जनता की अपेक्षाएं बढ़ी हैं और उन पर खरा उतरना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आगामी बजट विकास, सुरक्षा और वित्तीय अनुशासन के संतुलन पर आधारित होगा।
गरीब, किसान, महिला और युवाओं पर रहेगा विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बजट का केंद्र लोककल्याण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि-
गरीब, किसान, श्रमिक, महिला, युवा और वंचित वर्ग
सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं
स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और खाद्य सुरक्षा
इन सभी क्षेत्रों में बजट प्रावधान इस तरह हों कि लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
वित्तीय अनुशासन से नहीं होगा कोई समझौता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोककल्याण और वित्तीय अनुशासन एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों में से किसी से भी समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संसाधनों का उपयोग गुणवत्ता, समयबद्धता और परिणाम आधारित दृष्टिकोण से किया जाए।
कानून-व्यवस्था और निवेश का मजबूत आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था ही विकास और निवेश का आधार है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस, न्याय और प्रशासन से जुड़े बजट प्रस्ताव ऐसे हों, जो जन-सुरक्षा, त्वरित न्याय, आम नागरिक के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करें।
अवसंरचना विकास और रोजगार सृजन पर जोर
बैठक में बताया गया कि सड़क, भवन और अन्य अवसंरचनात्मक विकास से जुड़े प्रस्तावों का उद्देश्य प्रदेश की कनेक्टिविटी बढ़ाना, औद्योगिक गतिविधियों को गति देना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना है, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास का लाभ समान रूप से पहुंचे।
केंद्रीय बजट से सामंजस्य के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 फरवरी को केंद्र सरकार का आम बजट आने वाला है। विभाग यह सुनिश्चित करें कि केंद्र बजट में उत्तर प्रदेश से जुड़े प्रावधानों के अनुरूप राज्य बजट प्रस्तावों में आवश्यक सुधार किए जाएं। उन्होंने विभागीय प्रमुख सचिवों से चालू वित्तीय वर्ष में बजट स्वीकृति और व्यय की अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली।
राजस्व सुदृढ़ीकरण और प्रशासनिक सुधार
बैठक में बताया गया कि राजस्व सुदृढ़ीकरण, प्रशासनिक सुधार, व्यय दक्षता से जुड़े प्रस्तावों को इस तरह शामिल किया गया है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिरता और समृद्धि बनी रहे और विकास कार्यों में निरंतरता सुनिश्चित हो।
संतुलित और दूरदर्शी बजट का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष का बजट लोककल्याण, सुशासन और वित्तीय समृद्धि के माध्यम से प्रदेश की जनता के सपनों और अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन-आकांक्षाओं, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाए।
बैठक में उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर एवं परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह की विशेष उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि लोककल्याण, कानून-व्यवस्था और अवसंरचना विकास को साथ लेकर उत्तर प्रदेश आगे बढ़ेगा और 2026-27 का बजट प्रदेश के लिए नई दिशा और नई ऊर्जा देने वाला होगा।





