बिजनौर कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गौवंशों की देखभाल और व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप गौ संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित गौवंशों के भरण-पोषण, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जाएं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से गौ आश्रय स्थलों की नियमित निगरानी करने और व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में चारागाह की भूमि को प्राथमिकता के आधार पर अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंशों के लिए पर्याप्त चारे और चराई की व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनपद के सभी गौ आश्रय स्थलों में आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार समीक्षा और निगरानी की जाएगी, ताकि गौ संरक्षण की व्यवस्था प्रभावी बनी रहे।