ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। शहर को 21 जोन में विभाजित कर अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों को अपने क्षेत्रों में धूल, गंदगी और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रदूषण कम करने के प्रयासों के तहत निर्माण स्थलों और सार्वजनिक क्षेत्रों में 224 एंटी स्मॉग गन का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा 107 वाटर टैंकर सड़कों पर पानी का छिड़काव कर रहे हैं। पेड़-पौधों पर जमा धूल हटाने के लिए भी पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

शहर की सड़कों से धूल हटाने के लिए 11 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें लगाई गई हैं। सफाई अभियान में एसटीपी से शोधित पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य धूल के फैलाव को कम करना और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने संबंधित विभागों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। परियोजना, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग सहित विभिन्न विभाग अभियान में शामिल हैं। महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह और उप महाप्रबंधक परियोजना विजय रावल भी शहर में चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं।

प्राधिकरण की टीमें कचरा उठाने में लापरवाही करने वाले वेंडरों और खुले में कूड़ा जलाने की घटनाओं पर भी निगरानी रख रही हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि ऐसी घटनाएं दिखाई देने पर प्राधिकरण को सूचना दें।
शिकायत के लिए कॉल सेंटर नंबर:
0120-2336046
0120-2336047
0120-2336048
0120-2336049
इसके अलावा नागरिक मित्रा ऐप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, शहर में सफाई, पानी के छिड़काव और निगरानी का अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने लोगों से कचरा खुले में नहीं जलाने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है, ताकि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के प्रयासों को मजबूती मिल सके।