ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। अधिकारियों-कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित हुआ। अधिकारियों-कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय, औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट समेत बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 30 विकास कार्यों के लिए 104 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सैनी गांव के 39 किसानों को 6 प्रतिशत आबादी कोटे के तहत 58 आवासीय भूखंड आवंटित किए। इनमें 18 भूखंडों का किसानों की मौजूदगी में ड्रॉ हुआ, जबकि 40 भूखंड सीधे आवंटित किए गए। प्राधिकरण ने अन्य गांवों के पात्र किसानों के लंबित भूखंड भी जल्द आवंटित करने की बात कही।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से प्रभावित 44 गांवों के किसानों ने शेष 4 प्रतिशत आवासीय भूखंड की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। 2 अक्टूबर से गांवों में पैदल मार्च और जनसंपर्क अभियान शुरू होगा, जबकि 22 अक्टूबर से प्राधिकरण कार्यालय पर सत्याग्रह प्रस्तावित है।
सर्दियों से पहले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण स्थलों, सड़कों, कचरा और C&D वेस्ट पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। खुले में कचरा जलाने और निर्माण नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, एफआईआर और सीलिंग जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
ग्रेटर नोएडा में प्राधिकरण और फीडबैक फाउंडेशन ने कबाड़ी एवं कचरा बीनने वाले श्रमिकों के लिए जागरूकता अभियान चलाया। उन्हें व्यक्तिगत स्वच्छता, कचरे के उचित निस्तारण और प्लास्टिक समेत अन्य कचरा नहीं जलाने के लिए जागरूक किया गया।
ग्रेटर नोएडा के लखनावली में 800 टन प्रतिदिन क्षमता वाला नया वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट शुरू हो गया है। यहां गीले कचरे से कंपोस्ट और सूखे कचरे से RDF तैयार किया जाएगा। साथ ही साइट पर पहले से मौजूद पुराने कचरे के निस्तारण का काम भी जारी रहेगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शाहबेरी क्षेत्र में ₹756.01 करोड़ की लागत से डबल-डेकर एलिवेटेड कॉरिडोर के पहले चरण को मंजूरी दी है। करीब 2.5 किमी का यह कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने के उद्देश्य से बनाया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का स्टॉल लगाया गया है। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने स्टॉल का अवलोकन किया। यहां मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब, लॉजिस्टिक हब, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का आंदोलन 5 अक्टूबर तक स्थगित किया गया। 10% विकसित प्लॉट समेत अन्य मांगों पर लखनऊ में मुख्य सचिव स्तर पर वार्ता का आश्वासन मिला।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के बाहर किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रदर्शन में पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया और मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने की बात कही। किसानों की प्रमुख मांगों में 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा, 10 फीसदी आबादी/आवासीय प्लॉट और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करना शामिल है। 9 सितंबर से चल रहे धरने को सोमवार
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में एसीईओ, ओएसडी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। किसानों, बिल्डर्स और बायर्स से जुड़े मामलों के निस्तारण पर असर पड़ने का दावा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में श्रमिकों के लिए EWS फ्लैट और ट्रांजिट हॉस्टल, छात्रों के लिए पब्लिक लाइब्रेरी, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और NDRF के लिए 30 फ्लैट समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इसके साथ ही ईस्टर्न पेरिफेरल तक नई सड़क, रिठौरी में फुटओवर ब्रिज और सड़कों की मैकेनिकल सफाई व्यवस्था को भी मंजूरी दी गई है।
ग्रेटर नोएडा में 2026-27 के 6,048 करोड़ रुपये के बजट के साथ कई विकास योजनाएं आगे बढ़ रही हैं। इनमें गंगा एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक बस सेवा, बोडाकी ट्रांसपोर्ट हब, 17 गांवों में 2,600 LED स्ट्रीट लाइट, डिजिटल आबादी प्लॉट प्रक्रिया और ग्रेटर नोएडा वेस्ट का गौड़ सिटी अंडरपास प्रमुख हैं। इसके अलावा नोएडा एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली 74 किमी की बड़ी परियोजना पर भी टेंडर प्रक्रिया शुरू
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने किसानों के मुआवजे में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। मुआवजा 4,125 से बढ़कर 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगा। करीब 10 साल बाद 6% आबादी भूखंड देने का प्रावधान भी फिर लागू किया गया है।