Farmers Protest: उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिला इन दिनों जमीन को लेकर किसानों का विरोध शुरू हो गया है। दरअसल, यह विरोध विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway Protest) को लेकर जारी है। दरअसल, चतरा ब्लॉक के पड़री में आयोजित किसान पंचायत में किसानों ने अपनी जमीन बचाने का संकल्प दोहराया है। पंचायत में किसानों ने जमीन को अपनी आजीविका, परिवार और भविष्य का आधार बताया है और साथ ही इसे बचाने की मांग भी उठाई।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने किसानों के समर्थन में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
पड़री में आयोजित किसान पंचायत में किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा (Kisan Naujawan Sangharsh Morcha) के संयोजक संदीप मिश्रा अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे। उन्होंने किसानों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और जमीन को लेकर उनकी चिंताओं को समझा। पंचायत में किसानों ने कहा कि उनकी जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि परिवार के पालन-पोषण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ी हुई है। किसानों ने अपनी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
किसान पंचायत (Kisan Panchayat) के दौरान जमीन बचाने को लेकर किसानों का आक्रोश सामने आया। किसान रामाशंकर पाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।‘ उनके इस बयान से पंचायत में किसानों की नाराजगी और जमीन बचाने के संकल्प का अंदाजा लगा। वहीं, संदीप मिश्रा ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने के नाम पर किसानों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनकी आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा। ये आरोप मोर्चा संयोजक की ओर से लगाए गए हैं।
इस विरोध के समर्थन में संदीप मिश्रा ने कहा कि किसान अपनी जमीन और अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों की जमीन बचाने के लिए सामूहिक रूप से संघर्ष किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। पड़री में हुई इस किसान पंचायत से विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway) को लेकर जमीन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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