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40 साल के कंसेशन पर विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 7 करोड़ यात्रियों का लक्ष्य

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 40 साल के कंसेशन पीरियड के तहत विकसित किया जा रहा है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को इसके निर्माण, विकास और संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। मास्टर प्लान के तहत एयरपोर्ट की क्षमता भविष्य में सालाना 7 करोड़ से अधिक यात्रियों तक बढ़ाने का लक्ष्य है। परियोजना में आधुनिक तकनीक, बेहतर यात्री सुविधाओं और नेट जीरो एमिशन पर भी जोर दिया जा रहा है।

By: Nivedita  RNI News Network
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40 साल के कंसेशन पर विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 7 करोड़ यात्रियों का लक्ष्य

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दीर्घकालिक योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। परियोजना को 40 वर्ष के कंसेशन पीरियड के आधार पर तैयार किया जा रहा है। एयरपोर्ट के निर्माण, विकास और संचालन की जिम्मेदारी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) के पास है, जो ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।

1 अक्टूबर 2021 से शुरू हुआ कंसेशन पीरियड

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कंसेशन पीरियड 1 अक्टूबर 2021 से प्रभावी माना गया है। परियोजना को भविष्य की यात्री और हवाई यातायात संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है। एयरपोर्ट के मास्टर प्लान में समय के साथ इसकी क्षमता बढ़ाने की व्यवस्था की गई है, ताकि बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को पूरा किया जा सके।

सालाना 7 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालने की योजना

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दीर्घकालिक योजना के तहत इसकी यात्री क्षमता को आने वाले वर्षों में बढ़ाकर सालाना 7 करोड़ से अधिक यात्रियों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस विस्तार से दिल्ली-एनसीआर के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को भी बेहतर हवाई संपर्क मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के विकसित होने से क्षेत्र में परिवहन और कनेक्टिविटी के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।

 

 

आधुनिक तकनीक और यात्री सुविधाओं पर फोकस

एयरपोर्ट को ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी के अंतरराष्ट्रीय अनुभव और मानकों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। परियोजना में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ यात्रियों के लिए सुविधाजनक और प्रभावी एयरपोर्ट संचालन व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। भविष्य में बढ़ने वाले यात्री भार को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को चरणबद्ध तरीके से विस्तार देने की योजना बनाई गई है।

नेट जीरो एमिशन की दिशा में प्रयास

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास में पर्यावरणीय स्थिरता को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। परियोजना को नेट जीरो एमिशन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के अनुरूप विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य आधुनिक हवाई अड्डे की जरूरतों को पूरा करने के साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करना है।

उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अहम परियोजना

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। इसके पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शहरों से हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट परियोजना से क्षेत्र में निवेश, कारोबार और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

 

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