आजमगढ़। सेवा संकल्प अभियान के तहत आजमगढ़ में सिधारी और चौक स्थित लेबर अड्डों पर श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। चिकित्सा विभाग और श्रम विभाग के संयुक्त प्रयास से लगे इन शिविरों में 500 से अधिक श्रमिकों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान श्रमिकों को स्वास्थ्य के साथ-साथ सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
शिविरों में सुबह 7 बजे से श्रमिकों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया गया। चिकित्सकों ने श्रमिकों का ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और बीएमआई जांचा। स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाए जाने पर चिकित्सकों ने आवश्यक परामर्श दिया और जरूरत के अनुसार दवाएं भी वितरित की गईं। श्रमिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने के लिए भी जागरूक किया गया।
श्रमिक सम्मान स्वास्थ्य शिविर के दौरान 50 श्रमिकों को आयुष्मान गोल्डेन कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के तहत 15 लाभार्थियों को लाभ स्वीकृति प्रमाण पत्र भी दिए गए। शिविर में मौजूद श्रमिकों और लाभार्थियों ने स्वास्थ्य जांच तथा विभागीय योजनाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार जताया।

सहायक श्रमायुक्त आजमगढ़ पवन कुमार ने श्रमिकों को भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो पात्र श्रमिक अभी तक विभाग में पंजीकृत नहीं हैं, वे जल्द अपना पंजीयन करा लें। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के बाद पात्र श्रमिक बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
सिधारी के साथ चौक स्थित लेबर अड्डे पर भी स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। यहां चिकित्सकों ने श्रमिकों की बीपी, शुगर और बीएमआई की जांच की। स्वास्थ्य संबंधी जरूरत के अनुसार उन्हें परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई गईं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी रोहित प्रताप ने इस दौरान श्रमिकों को भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उप श्रम आयुक्त के अनुसार आजमगढ़ मंडल में करीब 7 लाख निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत आजमगढ़, मऊ और बलिया में श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जिला प्रशासन के निर्देशन में समय-समय पर लेबर चौराहों और विभिन्न प्रतिष्ठानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं, ताकि श्रमिकों को स्वास्थ्य जांच और सरकारी योजनाओं की जानकारी उनके कार्यस्थल के आसपास ही मिल सके।