झांसी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने झांसी दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने समाजवादी पार्टी को परिवारवादी राजनीति करने वाली पार्टी बताते हुए रामभक्तों की आस्था का विरोध करने का आरोप लगाया। झांसी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और भगवान श्रीराम के प्रति देशवासियों की श्रद्धा सर्वोपरि है।
अखिलेश यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया
अखिलेश यादव के हालिया बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पूछे गए सवाल पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विपक्षी नेता लगातार बयान और ट्वीट करते रहते हैं, लेकिन हर बयान पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं है।उन्होंने कहा कि अयोध्या में दर्शन करने और भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने का अधिकार प्रत्येक श्रद्धालु को है। किसी की आस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

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“सपा में परिवारवाद हावी”
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी में परिवारवाद पूरी तरह हावी है और पार्टी का राजनीतिक चरित्र इसी विचारधारा के इर्द-गिर्द घूमता है।उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेतृत्व रामभक्तों की भावनाओं का सम्मान नहीं करता और समय-समय पर ऐसे बयान देता है जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित होती हैं।
रामभक्तों की आस्था पर सवाल उठाना गलत
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भगवान श्रीराम भारत की सांस्कृतिक पहचान और करोड़ों लोगों की श्रद्धा के प्रतीक हैं। ऐसे में रामभक्तों की आस्था पर प्रश्नचिह्न लगाना या उसका राजनीतिकरण करना उचित नहीं है।उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर उसका जवाब भी देती है।
राम मंदिर दान व्यवस्था पर भी बोले
राम मंदिर में चढ़ावे और दान व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत सामने आती है तो उसकी जांच कराई जाती है।उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच प्रक्रिया जारी है और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर कार्य कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
राम मंदिर, अयोध्या और धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार बयानबाजी जारी है। झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।अब इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।