उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षोत्सव एवं फार्मेसी संस्थान के उद्घाटन समारोह के अवसर पर आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। प्रदर्शनी में फार्मेसी विभाग के विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई संयुक्त परियोजना “Medication Awareness: Know Your Common Medicines” विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
विद्यार्थियों ने इस परियोजना के अंतर्गत 3D Smart Hospital (DDU City Care Hospital) तथा “From Molecule to Medicine: The Complete Pharmaceutical Manufacturing Process” पर आधारित फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री मॉडल को एक साथ प्रस्तुत किया। मॉडल के माध्यम से स्मार्ट स्वास्थ्य सेवाओं, फार्मेसी स्टोर की कार्यप्रणाली, औषधि निर्माण प्रक्रिया और दवाओं के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी गई।
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मॉडल के विभिन्न चरणों को समझा। विद्यार्थियों ने उन्हें आधुनिक अस्पताल व्यवस्था, दवा निर्माण के चरणों, मेडिकेशन अवेयरनेस और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में गुणवत्ता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
राज्यपाल ने फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि औषधि निर्माण केवल प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी दवा की शुद्धता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए Quality Control (QC) और Quality Assurance (QA) जैसी वैज्ञानिक परीक्षण प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के बाद ही किसी दवा का उपयोग सुरक्षित माना जा सकता है। यदि परीक्षण के दौरान कोई कमी सामने आती है तो निर्माण प्रक्रिया में आवश्यक सुधार किया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए स्वास्थ्य सेवा, औषधि निर्माण और अनुसंधान के क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यावहारिक मॉडल विद्यार्थियों को विषयों को बेहतर ढंग से समझने और समाजोपयोगी नवाचार करने के लिए प्रेरित करते हैं।
इस संयुक्त परियोजना को फार्मेसी विभाग के दस विद्यार्थियों ने सामूहिक प्रयास से तैयार किया। टीम में मोहम्मद अनज़र, शाश्वत तिवारी, आयुषी द्विवेदी, यदुनंदन चौहान, गरिमा कुशवाहा, अनुष्का गुप्ता, अमृता मिश्रा, आकृति जायसवाल, शालू साहनी एवं मोहम्मद अदाब शामिल रहे। विद्यार्थियों ने टीमवर्क, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का परिचय देते हुए परियोजना को सफल बनाया।
विज्ञान प्रदर्शनी में प्रस्तुत यह परियोजना स्मार्ट हॉस्पिटल, मेडिकेशन अवेयरनेस, औषधि निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और गुणवत्ता आश्वासन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को एक मंच पर प्रस्तुत करने का उत्कृष्ट उदाहरण रही। शिक्षकों, विद्यार्थियों और आगंतुकों ने भी इस नवाचार की सराहना की। विद्यार्थियों ने कहा कि राज्यपाल द्वारा उनके मॉडल की प्रशंसा और उनके साथ किया गया संवाद उनके लिए प्रेरणादायी अनुभव रहा। यह उपलब्धि दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और नवाचार की संस्कृति को दर्शाती है।