मथुरा। जनपद मथुरा में किसानों और ट्रस्ट की जमीनों पर कथित अवैध कब्जों को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि दिल्ली-एनसीआर और मथुरा से जुड़े कुछ कथित भू-माफिया लगातार जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इन शिकायतों को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जमीनों पर कथित कब्जे के मामलों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि जिलाधिकारी, एसएसपी और जिला प्रशासन के स्तर पर शिकायतें पहुंचने के बाद भी समस्या का अपेक्षित समाधान सामने नहीं आया है।
मथुरा में जमीनों से जुड़े मामलों को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ भू-माफिया किसानों और ट्रस्ट की संपत्तियों को निशाना बना रहे हैं। कथित तौर पर जमीनों पर कब्जे की कोशिशों के चलते संबंधित लोगों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों और ट्रस्ट की जमीनों को लेकर विवाद और बढ़ सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में संबंधित भू-माफियाओं का पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार अवैध कब्जों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करते रहे हैं। सरकार की ओर से भी जमीनों पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कई बार निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद मथुरा में जमीनों पर कथित कब्जे की शिकायतें सामने आने से स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं की मांग है कि जमीनों से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच कराई जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन दिनों दो दिवसीय मथुरा दौरे पर हैं। उनके दौरे को देखते हुए जमीनों पर कथित कब्जे से जुड़े मामलों को लेकर भी लोगों की निगाहें मुख्यमंत्री की ओर हैं। मुख्यमंत्री मथुरा में ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यों की समीक्षा बैठक भी करेंगे। ऐसे में यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या इस बैठक के दौरान जिले में सामने आ रही जमीन संबंधी शिकायतों और कथित भू-माफिया की गतिविधियों का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा?
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि किसानों और ट्रस्ट की जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। उनका कहना है कि जिन जमीनों को लेकर विवाद या अवैध कब्जे की शिकायतें हैं, उनकी राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। साथ ही, यदि किसी व्यक्ति या समूह द्वारा नियमों के खिलाफ जमीन पर कब्जा किया गया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
मथुरा में जमीनों पर कथित अवैध कब्जे का मुद्दा अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के बीच चर्चा में है। ऐसे में लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से इस मामले में कोई जवाब-तलब करते हैं या नहीं। अब सवाल यही है कि क्या मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जमीनों से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई में तेजी आएगी या फिर किसानों और ट्रस्ट की जमीनों पर कथित कब्जे का सिलसिला जारी रहेगा? फिलहाल इस मुद्दे पर प्रशासन की ओर से किसी बड़े निर्णय या कार्रवाई का इंतजार है।