कानपुर। सड़क पर एक पल की लापरवाही पूरे परिवार की उम्र भर की सज़ा बन सकती है। इसी सीख को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सोमवार को पुलिस रिज़र्व लाइन्स से ‘यातायात माह – नवम्बर 2026’ का विधिवत शुभारंभ किया। पूरे महीने चलने वाले इस अभियान का मकसद सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और शहर के यातायात प्रबंधन को ज़्यादा सुगम व सुरक्षित बनाना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कानपुर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल रहे। उन्होंने फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर अभियान की शुरुआत की।
कमिश्नरेट पुलिस के मुताबिक, बीते समय में की गई सख्त और सुनियोजित कार्रवाई का असर ज़मीन पर दिखने लगा है। सड़क दुर्घटनाओं में एक तिहाई, यानी 30 प्रतिशत से भी ज्यादा की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही शहर में ट्रैफिक कंजेशन की स्थिति में भी सुधार देखा गया है।
एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को बिना रुकावट रास्ता देने के लिए ‘ग्रीन कॉरिडोर’ योजना संचालित की जा रही है, जिसके लिए नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। यानी जब बात जान बचाने की हो, तो एक-एक सेकंड कीमती है, और इसी सोच के साथ व्यवस्था बनाई गई है। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों को ‘ए’ और ‘बी’ श्रेणियों में बांटकर यातायात प्रबंधन को और बेहतर किया जाएगा।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सी. घर तंवर, नगर आयुक्त अर्पित अवस्थी, ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. विपिन ताड़ा, ज्वाइंट कमिश्नर (अपराध व मुख्यालय) संकल्प शर्मा और डीसीपी ट्रैफिक अभय नाथ त्रिपाठी समेत शहर के कई अधिकारी व गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

एनसीसी कैडेट्स और कई स्कूलों के बच्चों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने यातायात से जुड़ी जानकारी हासिल की और सदैव यातायात नियमों का पालन करने की शपथ ली। कहते हैं, “बच्चे जो सीखते हैं, वही घर लौटकर बड़ों को सिखाते हैं”, और अभियान की असली कामयाबी भी यही होगी।
कार्यक्रम स्थल पर कानपुर विकास प्राधिकरण, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया और यातायात विभाग समेत कई विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए। यहां आने वालों को यातायात सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी गई और सुरक्षा उपकरणों के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण यातायात विभाग की ओर से मौजूद ‘यमराज’ रहे। यमराज का भेष धरे कलाकार ने जमकर ठहाके लगाए और लोगों को चेताया कि नियम तोड़ोगे तो बुलावा जल्दी आ जाएगा, इसलिए यातायात नियमों का सही ढंग से पालन करें। हंसी-हंसी में दिया गया यह संदेश लोगों को खूब भाया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे नवम्बर माह में शहर में जागरूकता कार्यक्रम और प्रवर्तन अभियान चलाए जाएंगे, ताकि “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी” की कहावत किसी के साथ सच न हो।