नोएडा: न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Noida Authority) की 223वीं बोर्ड बैठक का आयोजन सेक्टर-96 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन के सभागार में इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कमिश्नर (IIDC) व नोएडा अध्यक्ष श्री दीपक कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में नोएडा के सीईओ श्री कृष्ण करुणेश, ग्रेटर नोएडा के सीईओ श्री एन.जी. रवि, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के एसीईओ श्री शैलेंद्र भाटिया सहित बोर्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान शहर के सर्वांगीण विकास, किसानों के हित, नागरिक सुविधाओं और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।

अब तक 36 परियोजनाओं से कुल ₹561.35 करोड़ जमा कराए जा चुके हैं। बोर्ड ने पेंडिंग फ्लैट्स की रजिस्ट्री प्रक्रिया में और तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

गौतमबुद्धनगर पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्राधिकरण ने सेक्टर-153 में लगभग 13,347.18 वर्ग मीटर भूखंड पुलिस आयुक्त कार्यालय (Police Commissionerate Office) के उपयोग हेतु आवंटित करने का निर्णय लिया है।
नोएडा में सूखे कचरे और RDF के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए सेक्टर-145 में 100 TPD (टन प्रति दिन) क्षमता की थर्मालीसिस (Thermolysis) तकनीक पर आधारित Integrated Waste-to-Energy and Resource Recovery Facility स्थापित की जाएगी। एजेंसी का चयन शीघ्र ही EOI/RFP के माध्यम से किया जाएगा।

मध्य-पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव के कारण बिटुमेन (बिटुमिनस) की कीमतों में आई अप्रत्याशित तेजी को देखते हुए, प्राधिकरण ने सड़क निर्माण की मदों की दरों का पुनर्निर्धारण और मूल्य समायोजन (Price Adjustment) करने का निर्णय लिया है। इससे मानसून के बाद गुणवत्तापूर्ण सड़कों का निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सकेगा।
सहकारी आवासीय समितियों के वर्तमान कब्जेदारों (Subsequent Members) की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान कर दिया गया है। समिति की NOC, अंतरण शुल्क और आवश्यक प्रमाण-पत्रों के आधार पर अब त्रिस्तरीय उप-पट्टा (Tripartite Sub-lease) पंजीकृत किया जाएगा, जिससे वैध कब्जाधारियों को मालिकाना दस्तावेज मिल सकेंगे और पेंडिंग मामले निपटेगे।
औद्योगिक इकाइयों के लिए एकरूप नीति: यूनिफाइड रेगुलेशन 2025 के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए ट्रांसफर फीस, यूनिट क्रियाशील करने की समय सीमा व अन्य प्रक्रियाओं को एक समान बनाने हेतु अधिकारियों की समिति गठित की गई है।
सेक्टर-8 नर्सरी का आधुनिकीकरण: उद्यान खंड-1 की सेक्टर-8 स्थित 8 एकड़ की नर्सरी को Build-up, Operation and Maintenance (BOM) मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को विभिन्न प्रकार के पौधे और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।