नए भवन के निर्माण के लिए प्रभारी प्रधानाधपिका ने कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा। इसके बाद भी आज तक भवन नहीं बन सका। जिसकी वजह से बच्चों को एक ही छत के नीचे कंबाइंड क्लासों के सहारे पढ़ाई करनी पड़ रही है।
नए भवन के निर्माण के लिए प्रभारी प्रधानाधपिका ने कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा। इसके बाद भी आज तक भवन नहीं बन सका। जिसकी वजह से बच्चों को एक ही छत के नीचे कंबाइंड क्लासों के सहारे पढ़ाई करनी पड़ रही है।
गवर्नमेंट गर्ल जूनियर हाई स्कूल कोलना तकरीबन 6 बीघे जमीन में बना है। इस विद्यालय से पढ़ाई करने वाली छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण कर डॉक्टर और शिक्षक के पदों पर पहुंची हैं।
विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि पांच कमरों में 350 बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं। ऊपर से बिजली की कटौती से परेशानी और बढ़ गई है।