लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। बैठक में सड़क निर्माण, नई परियोजनाओं, सड़क सुरक्षा और भविष्य की कनेक्टिविटी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, इसलिए राज्य में विश्वस्तरीय सड़क संपर्क विकसित करना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति और अन्य औपचारिकताओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2014 के बाद उत्तर प्रदेश में लगभग 10,204 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का आवंटन किया गया, जिनमें से 9,329 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन परियोजनाओं पर अब तक करीब 1.94 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
समीक्षा बैठक में मथुरा-बरेली-सितारगंज, आगरा-अलीगढ़, कानपुर रिंग रोड, नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट संपर्क मार्ग, मुरादाबाद-काशीपुर हाईवे, अयोध्या रिंग रोड, प्रयागराज सदर्न रिंग रोड और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के औद्योगिक, धार्मिक और पर्यटन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
बैठक में रामवन गमन मार्ग, राम जानकी मार्ग और 84 कोसी परिक्रमा मार्ग जैसी धार्मिक महत्व की परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचेगा।

नितिन गडकरी ने सड़क निर्माण के साथ सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने ब्लैक स्पॉट सुधार, आधुनिक संकेतक व्यवस्था और सुरक्षित सड़क डिजाइन अपनाने के निर्देश दिए।साथ ही उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, वृक्षों की कटाई के बजाय आधुनिक तकनीक से उनका प्रत्यारोपण किया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे।
बैठक में अयोध्या-गोंडा, रीवा-रांची और शामली-गोरखपुर एक्सेस कंट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसके अलावा लखनऊ से चार लेन संपर्क से वंचित जिलों को जोड़ने, नए रिंग रोड और बाईपास निर्माण के प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क से प्रदेश में निवेश, उद्योग, कृषि, पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से सभी परियोजनाएं तय समय में पूरी होंगी और उत्तर प्रदेश आधुनिक सड़क नेटवर्क के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनेगा।