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पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और विधायक प्रतीक भूषण को जान से मारने की धमकी, मुकदमा दर्ज

गोंडा में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और विधायक प्रतीक भूषण सिंह को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

By: BS Yadav  RNI News Network
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पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और विधायक प्रतीक भूषण को जान से मारने की धमकी, मुकदमा दर्ज

गोंडा: कैसरगंज के पूर्व सांसद एवं भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह तथा उनके पुत्र विधायक प्रतीक भूषण सिंह को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार विधायक प्रतीक भूषण सिंह के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई, जिसमें उन्हें और उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह को जान से मारने की धमकी दी गई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि दोनों को खत्म करने की तैयारी कर ली गई है।

बताया जा रहा है कि यह कॉल 14 जून को दोपहर करीब 2 बजकर 22 मिनट पर आई थी। लगभग 35 सेकंड तक चली बातचीत में धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। घटना को गंभीर मानते हुए विधायक ने तत्काल पुलिस अधीक्षक गोंडा को इसकी सूचना दी। मामले में विधायक प्रतिनिधि अजय सिंह की तहरीर पर नगर कोतवाली गोंडा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक तकनीकी जांच में कॉल करने वाले मोबाइल नंबर का संबंध राजस्थान के अलवर जिले से पाया गया है। पुलिस के अनुसार संबंधित सिम कार्ड संदीप शर्मा नामक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है। हालांकि जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कॉल वास्तव में किसने की और उसके पीछे क्या उद्देश्य था।

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शिकायत में उल्लेख किया गया है कि विधायक और उनका परिवार पहले भी विभिन्न आपराधिक तत्वों और असामाजिक गिरोहों के निशाने पर रहा है। इसी वजह से धमकी को गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

गोंडा नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की पहचान तथा गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमों को लगाया गया है। तकनीकी और सर्विलांस टीमों की मदद से कॉल की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी के पीछे क्या कारण था और क्या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत, राजनीतिक या अन्य प्रकार की साजिश है।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और धमकी की सत्यता तथा उसके संभावित प्रभावों की जांच की जा रही है।

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