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लखनऊ में नकली और अवैध दवाओं के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़, कई जिलों में छापेमारी

लखनऊ में एफएसडीए और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नकली और अवैध दवाओं के बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अमीनाबाद, बीकेटी और गोंडा में छापेमारी के दौरान लाखों रुपये की संदिग्ध दवाएं बरामद की गईं। मामले में 8 आरोपियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है और जांच के तार राजस्थान तक जुड़े मिले हैं।

By: BS Yadav  RNI News Network
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लखनऊ में नकली और अवैध दवाओं के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़, कई जिलों में छापेमारी

लखनऊ में नकली और अवैध दवाओं के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान लखनऊ के अमीनाबाद, बीकेटी और गोंडा सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद हुईं। शुरुआती जांच में इस पूरे नेटवर्क के तार राजस्थान तक जुड़े होने के संकेत मिले हैं।

अमीनाबाद, बीकेटी और गोंडा में भारी मात्रा में दवाएं बरामद

अभियान के दौरान अमीनाबाद स्थित एक अवैध गोदाम से लगभग 21 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध दवाएं जब्त कर सीज की गईं। वहीं बीकेटी क्षेत्र में छापेमारी के दौरान करीब 3 लाख रुपये की दवाएं बरामद हुईं। गोंडा में एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं का अवैध भंडारण भी सामने आया, जिसके बाद संबंधित विभागों ने जांच तेज कर दी है।

राजस्थान तक जुड़े मिले नेटवर्क के तार

एफएसडीए की जांच में सामने आया है कि नकली दवाओं का यह कारोबार केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। जांच के दौरान राजस्थान से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां भी सामने आई हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो नकली दवाओं के निर्माण, भंडारण और सप्लाई का काम लंबे समय से कर रहा था।

27 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए

कार्रवाई के दौरान 27 संदिग्ध दवाओं के नमूने एकत्र कर सरकारी प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच में कई नामी कंपनियों की दवाओं के लेबल पर प्रिंटिंग और स्पेलिंग संबंधी गड़बड़ियां भी मिली हैं। इसी आधार पर कई चर्चित ब्रांड की दवाओं की गुणवत्ता और असलियत की जांच की जा रही है।

 

बिना बिल बिक्री और अवैध कारोबार का खुलासा

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर बिना बिल के दवाओं की बिक्री की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, यह अवैध कारोबार लंबे समय से संचालित हो रहा था और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं। बरामद दवाओं में Telma, Pantop और Clavam समेत कई ब्रांड शामिल हैं, जिनकी जांच जारी है।

8 आरोपियों पर एफआईआर की तैयारी

पूरे मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अमीनाबाद थाने में मुख्य आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी चल रही है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान करने में जुटी हैं।

जांच जारी, बड़े खुलासे की संभावना

एफएसडीए और पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नकली और अवैध दवाओं के कारोबार पर बड़ी चोट है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

 

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