चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बाढ़ प्रभावित चित्रकूट पहुंचे। दोपहर उनका हेलीकॉप्टर देवांगना एयरपोर्ट पर उतरा। मुख्यमंत्री के साथ जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे।देवांगना एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी के उफान से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। इसके बाद वह सीधे रामघाट पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया।रामघाट पर मुख्यमंत्री ने प्रभावित व्यापारियों और स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
क्षतिग्रस्त तुलसीदास प्रतिमा देखकर जताई चिंता
रामघाट के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संत तुलसीदास की बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हुई प्रतिमा का भी जायजा लिया। प्रतिमा की स्थिति देखकर उन्होंने चिंता जताई और अधिकारियों से उसके जीर्णोद्धार एवं सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।मंदाकिनी नदी के तेज बहाव के कारण रामघाट सहित आसपास के इलाकों में काफी नुकसान हुआ है।
36 गांव बाढ़ से प्रभावित
मंदाकिनी नदी के उफान से चित्रकूट जिले के 36 गांव प्रभावित हुए हैं। कई कच्चे और पक्के मकानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि किसानों की खरीफ की फसलें भी पानी में डूब गई हैं।मुख्यमंत्री ने सीतापुर रैन बसेरा में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। इसके अलावा रामायण प्रेक्षागृह में राहत सामग्री की किट वितरित करने का कार्यक्रम भी रखा गया है।बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रामघाट पर जल पुलिस और गोताखोरों को तैनात किया गया है। नाव, मोटरबोट और जाल के जरिए घाट क्षेत्र में निगरानी की जा रही है। प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने और किसी भी अनहोनी को रोकने पर है।