अलीगढ़ की खैर तहसील में न्यायिक कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। संयुक्त बार एसोसिएशन की आपात बैठक में अधिवक्ताओं ने एसडीएम कोर्ट के अनिश्चितकालीन बहिष्कार का फैसला लिया। वकीलों का आरोप है कि न्यायालय में मामलों की सुनवाई समयबद्ध तरीके से नहीं की जा रही है, जिससे अधिवक्ताओं और वादकारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच सुबह से न्यायालय पहुंचने के बावजूद उन्हें और वादकारियों को देर शाम तक इंतजार करना पड़ता है। इससे न केवल अधिवक्ताओं की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, बल्कि आम जनता को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। बार पदाधिकारियों का कहना है कि न्यायालय की मौजूदा कार्यशैली से लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जब तक एसडीएम खैर का स्थानांतरण नहीं किया जाता और न्यायालय की व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता, तब तक एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन की कार्यशैली को अधिवक्ता विरोधी बताते हुए कहा कि अब हालात असहनीय हो चुके हैं और उनके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बार एसोसिएशन ने यह भी कहा कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेगा। साथ ही प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते इस मामले का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को जिला स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
बैठक के दौरान तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने बैठक में हिस्सा लेकर न्यायिक व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई।